एक अभिनेत्री के साथ कथित छेड़छाड़ करने पर एक नगा उग्रवादी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एक फिल्मी निकाय की अनिश्चितकालीन हड़ताल के दूसरे दिन रविवार को पुलिस गोलीबारी में एक पत्रकार मारा गया. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इंफाल पश्चिमी जिले में थांगीबांद इलाके में प्रदर्शनकारियों के हिंसा पर उतर जाने के बाद पुलिस ने गोलियां चलाईं, जिसमें एक पत्रकार नानाओ सिंह (29) की मौत हो गयी. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वाहन में आग लगा दी और सार्वजनिक एवं सुरक्षा वाहनों का रास्ता रोक दिया था.
नानाओ सिंह के सीने में गोली लगी और एक अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया. उसकी मौत की खबर फैलते ही मणिपुर घाटी इलाके के कई हिस्सों खासकर इंफाल पूर्वी एवं इंफाल पश्चिमी जिलों में हिंसा फैल गयी. जब प्रदर्शनकारियों ने सारे प्रमुख रास्ते बंद कर दिए और जब पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की तो उन्होंने पथराव किया. वे अभिनेत्री मामोको के साथ कथित छेड़छाड़ को लेकर नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नगालैंड-इसाक मुइवा गुट (एनएससीएन-आईएम) के उग्रवादी लिविंगस्टोन अनल की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे.
उल्लेखनीय है कि 18 दिसंबर को चंदेल जिले में अभिनेत्री मोमोको एक संगीत कार्यक्रम का संचालन कर रही थीं, उसी दौरान अनल ने कथित रूप से उनके साथ छेड़छाड़ किया था. जब दो कलाकारों ने अभिनेत्री को बचाने का प्रयास किया तब अनल ने उन पर गोलियां चलाईं थीं. शिंगजामी, सागोलबंद और कुछ अन्य इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिसबल की तैनात के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने चार सार्वजनिक वाहनों में आग लगा दी क्योंकि उन्होंने आम हड़ताल का उल्लंघन किया था.
राज्य के गृहमंत्री गैखंगन क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान एवं अस्पताल गए और उन्होंने सिंह की मौत पर शोक प्रकट किया. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की एवं प्रशासन को स्थिति सामान्य बनाने में सहयोग करने की अपील की. इसी अस्पताल में नानाओ सिंह ने दम तोड़ा. बाद में सैकड़ों पत्रकार अस्पताल पहुंचे. फिर सिंह का शव मणिपुर प्रेस क्लब ले जाया गया. इससे पहले इंफाल पश्चिमी जिले में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. प्रदर्शनकारी पुलिस वाहनों पर पथराव कर रहे थे.
हड़तालियों खासकर मणिपुर फिल्म फोरम से अपील करते हुए गैखंगन ने कहा कि एनएससीएन आईएम उग्रवादी लिविंगस्टोन अनल का पता लगाने एवं उसे पकड़ने का पूरा प्रयास किया जा रहा है. गैखनगम ने बताया कि मुख्यमंत्री ओ इबोबी सिंह केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे से मिलने और अनल की गिरफ्तारी पर उनसे चर्चा करने के लिए दिल्ली में हैं क्योंकि एनएससीएन आईएम की 14 साल पहले संघषर्विराम समझौता होने के बाद से सरकार से शांति वार्ता चल रही है. राज्य में बाजार, दुकानें, व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे. राज्य में तथा मणिपुर एवं पड़ोसी राज्यों के बीच भी परिवहन सेवाएं प्रभावित रहीं.
क्रिसमस के आसपास जो उत्साह नजर आता है वह भी फीका पड़ गया क्योंकि खासकर पर्वतीय जिलों से लोग इस पर्व की तैयारी के सिलसिले में सामान खरीदने यहां नहीं पहुंच पाए. शनिवार को हिंसा फैलने के बाद इंफाल पूर्वी और इंफाल पश्चिमी जिलों में 11 घंटे कर्फ्यू लगाया गया था जो रविवार सुबह छह बजे खत्म हो गया लेकिन राज्य में स्थिति अब भी तनावपूर्ण है. सड़कें सूनी नजर आयीं. दोनों जिलों में निषेधाज्ञा अब भी लागू है. (आजतक)





