कैथल। दिल्ली में दामिनी दुष्कर्म मामले में कवरेज कर रहे पत्रकारों पर पुलिस द्वारा किये लाठीचार्ज के विरोध में कैथल में पत्रकारों ने मीडिया सेन्टर पर प्रदर्शन किया और पुलिस द्वारा पत्रकारों पर किए गए लाठीचार्ज की घोर निंदा की। इस मामले में दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग करते हुए पत्रकारों ने दिल्ली के उपराज्यपाल के नाम एक ज्ञापन भी फैक्स से भेजा है। इससे पूर्व मीडिया क्लब के सदस्यों ने रोष स्वरूप दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। रोष प्रदर्शन की अध्यक्षता मीडिया क्लब कैथल के अध्यक्ष पंकज आत्रेय ने की।
पंकज ने कहा कि पुलिस द्वारा बेकसूर लोगों, छात्र, छात्राओं और पत्रकारों पर बर्बरतापूर्वक की गई लाठीचार्ज गैर कानूनी और अलोकतांत्रिक कार्रवाई है। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज का आदेश देने वाले अधिकारी और लाठीचार्ज करने वाले पुलिसियों के विरुद्ध उचित धाराओं के तहत केस दर्ज किए जाने चाहिए। क्लब के सचिव रमेश गोयल ने कहा कि छात्राओं पर पुरुष पुलिस कर्मियों ने लाठियां चलाई और उन्हें जानवरों की तरह घसीटा। इससे पुलिस की गुंडई साफ झलकती है। मंच संचालन करते हुए उप प्रधान राजीव परूथी ने कहा कि शीला सरकार पत्रकारों की हिफाजत करने में नाकाम साबित हुई है और अब बात बढ़ने पर सारी नाकामी का ठीकरा अकेले पुलिस के सिर फोड़ना चाहती है। वरिष्ठ पत्रकार नवीन मलहोत्रा, प्रदीप हरित, सेवा सिंह, ललित शर्मा, जोगेन्द्र सहित कई पत्रकारों ने अपने विचार रखे।







