ये उस कागज़ की मोबाइल से ली गई तस्वीरें हैं, जिस पर दैनिक जागरण वाले मजीठिया बोर्ड के खिलाफ ज़बरन हस्ताक्षर करवा रहे हैं. हस्ताक्षर न करने वाले कर्मचारियों को धमकाया जा रहा है. धमकी के ऑडियो को भी इकट्ठा कराया जा रहा है. शायद जल्द आ जाए. फिलहाल तो हस्ताक्षर कराए जाने वाले कागजों की फोटो देखें. इन कागजों पर साइन न करने वालों के लिए भी अलग से कागज़ बनाया गया है, जिस पर साइन कर देने को इस्तीफा माना जाएगा।
इस मुद्दे पर तो बैंड बज जानी चाहिए दैनिक जागरण की। लेकिन अपन लोगों के देश में नियम-कानून गरीबों व देहातियों के लिए होते हैं। लोकतंत्र का मतलब अब अमीरतंत्र होने लगा है। है किसी माई के लाल में दम जो जागरण प्रबंधन को इस कुकृत्य के लिए जेल की सजा खिलवाए!







