: यूपी पुलिस से भी नहीं मिला पीडिता को न्याय : दिल्ली गैंगरेप पर तमाम मीडियावालों ने नैतिकता, संस्कार और पता नहीं क्या क्या बातें लिखीं, कहीं, पर ये लोग उसका क्या करेंगे जो गंदगी खुद मीडिया के अंदर पल रही है. क्या ये लोग इतने ताकतवर हो गये हैं कि इनके दबाव से मजलूमों को इंसाफ भी नहीं मिल सकता. या यूपी की सरकार और पुलिस ही ऐसी हो गई है कि वो आरोपियों के साथ खड़ी दिख रही है. कुछ ऐसा ही मामला सामने आया है गोरखपुर से. गोरखपुर के हिंदुस्तान अखबार में काम करने वाले पत्रकार शशिकांत जायवाल पर एक युवती ने आरोप लगाया है कि शादी के नाम पर यौन शोषण किया और अब पुलिस से मिलकर मेरी इज्जत की कीमत एक लाख रुपये लगवा दी.
हिंदुस्तान, गोरखपुर में सीनियर सब एडिटर शाशिकांत की जान पहचान फेसबुक के जरिए मेरठ की रहने वाली बंदना अग्रवाल (बदला हुआ नाम) से हुई. कुछ समय बाद उसने बंदना से शादी का प्रस्ताव रखा. कुछ सोचने समझने के बाद बंदना ने हां कर दी. इसके बाद शशिकांत ने विधिवत बंदना के साथ शादी कर लिया. पर ढाई माह बाद अचानक उसने बंदना को छोड़ दिया. बंदना अब इंसाफ के लिए दर दर की ठोंकरे खा रही हैं. वो सीएम से भी मिल चुकी हैं, परन्तु सरकारी कागज तो चलता ही ऐसे है कि आपकी उम्र बीत जाए इंसाफ पाने में, बंदना के साथ भी ऐसा ही हो रहा है. उन्हें इंसाफ मिलता नहीं दिख रहा है.

शशिकांत के साथ बंदना (पहचान छिपाने के लिए चेहरा ब्लर कर दिया गया है)
बंदना कहती हैं कि शशिकांत ने मेरे साथ शादी की. हम गोरखपुर में ढाई महीने तक पति-पत्नी के साथ रहे. जब उसका मन भर गया तो उसने मुझे छोड़ दिया. जब मैंने एतराज जताया और पुलिस से शिकायत की तो एक क्राइम रिपोर्टर अरविंद कुमार राय के सहयोग से मेरे इज्जत की कीमत एक लाख रुपये लगवा दी. मुझे ये पैसे नहीं इंसाफ चाहिए था, पर पुलिस ने मुझ पर दबाव बनाकर तथा ये कहकर की यहां तुम्हारी कोई मदद नहीं करेगा. अच्छा है कि पैसे लो और मेरठ चली जाओ. बंदना बताती हैं कि पुलिस ने जबरिया मुझे एक लाख रुपये देकर मामला रफा दफा कर दिया. मैं न्याय की लिए दर दर की ठोकर खा रही हूं.
रोते हुए बंदना बताती हैं कि कई दिनों तक लखनऊ में स्टेशन पर रहकर रातें काटीं. तब जाकर सीएम से मुलाकात हुई. रोज सुबह आठ बजे पहुंच जाती थी सीएम आवास शाम तक रहती थी पर मुलाकात नहीं हो पाती थी. कई रोज जाने के बाद कुछ लोगों को दया आई तो उन्होंने मिलवा दिया. पर इसके बाद भी अब तक इंसाफ नहीं मिला है. सीएम के पास से काउंसिलिंग के लिए मेरठ पुलिस को एक पत्र आने के सिवा. बंदना का आरोप है कि अपनाने की बात कहने पर शशिकांत कह रहा है कि हम लिविंग रिलेशनशिप में थे. इसमें शादी करने की बात कहां है. जबकि उसने मुझसे शादी की थी. अब धोखा दे रहा है.

बंदना का कहना है कि क्या कोई अपनी बहन-मां को मंगलसूत्र पहनाता है. मंगलसूत्र तो पत्नी को ही पहनाया जाता है. उसने मेरा एबार्शन भी कराया. जब मेरे से उसका मन भर गया तो मुझे छोड़ दिया. बंदना का कहना है कि उसे कहीं से न्याय मिलता नहीं दिख रहा है. वो अब हिंदुस्तान के दिल्ली कार्यालय के सामने जहर खाकर आत्महत्या कर लेगी. इस तरह के बरबाद जीवन से तो अच्छा है कि मेरी मौत हो जाए. मैं अपनी इज्जत का कीमत लेकर जीवित नहीं रह सकती. इस संबंध में शाशिकांत का भी पक्ष लिया गया परन्तु उन्होंने कोई कमेंट नहीं किया.





