मैं राम सुंदर मिश्र 'राजू', काशी हिन्दू विश्व विद्यालय से स्नातक करने के उपरांत मार्केटिंग में नौकरी करके अपना और अपने परिवार के जीवन का भरण पोषण करता था. इसके बावजूद मैं टीवी पत्रकारिता से काफी प्रभावित रहता था. उसी का परिणाम रहा कि मेरे एक मित्र ने स्थानीय केबल चैनल की शुरुआत की और मुझे मार्केटिंग की जिम्मेदारी सौप दी. मैं मार्केटिंग के साथ साथ रिपोर्टिंग भी करने लगा. कुछ साल बाद मेरे मित्र ने चैनल बंद कर दी. उसके बाद मैं दूसरे लोकल केबल चैनल में काम करने लगा. अपने मेहनत और कर्मठता के बल पर शहर में अलग छवि बना ली.
इसी दौरान जब जी न्यूज़ यूपी आया और वाराणसी के ब्यूरो इंचार्ज विकास कौशिक ने मुझे जी न्यूज़ में बतौर स्ट्रिंगर रखवा दिया. लगभग 3 सालों तक जी न्यूज़ में काम करता रहा हूँ. जी न्यूज़ के बदौलत मैंने समाज में अपनी एक नयी पहचान बनाई. सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था लेकिन कुछ प्रायोजित विवादों का ऐसा शिकार हुआ कि कुछ माह पूर्व जी न्यूज़ से सम्बन्ध टूट गया, लेकिन मुझे इस बात गर्व था कि मैंने अपने सिद्धांतों और पत्रकारिता के मूल सिद्धांत के साथ समझौता नहीं किया. बहुत कठिनाइयों के साथ मंजिल पाने के लिए जीवन में संघर्ष कर रहा हूँ, लेकिन विगत 16 दिसंबर को एक ऐसी घटना घटी, जिससे पत्रकारिता को लेकर मेरा मन टूट सा गया है. और वो घटना थी वाराणसी में केबल व्यवसाय को लेकर शिवपुर थाना क्षेत्र में पुष्कर शुक्ल की हत्या की.
इस हत्याकांड में डेन के निदेशक धर्मेन्द्र सिंह उर्फ़ दिनेश कुमार सिंह उर्फ़ दिनू का नाम सामने आया, जिनका पूर्व में भी कई आपराधिक घटनाओं में नाम है. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत के विपरीत स्थानीय से लेकर नेशनल चैनल तक ने खबर का प्रसारण नहीं किया, लेकिन जी न्यूज़ उत्तर प्रदेश/उत्तराखंड और जी न्यूज़ ने प्रमुखता से इस खबर का प्रसारण किया. समाचार पत्रों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए घटना को प्रमुखता से स्थान दिया, लेकिन सबसे बड़ा दुर्भाग्य ये रहा कि जी न्यूज़ और जी न्यूज़ यूपी-उत्तराखंड पर खबर चलते ही डेन ने दोनों चैनलों का प्रसारण ही बंद कर दिया है. क्योंकि हत्याकांड के आरोप में डेन के निदेशक धर्मेन्द्र सिंह उर्फ़ दिनेश कुमार सिंह उर्फ़ दिनू का नाम सामने आया था और दोनों चैनलों ने इस खबर को प्रमुखता से दिखाया था. दिनू का आपराधिक इतिहास भी मैं आपको दे रहा हूँ, जो मेल के साथ अटैच है. कृपया आप स्वयं देख लें कि कौन लोग ऐसे हैं जिनके हाथ में आपने मीडिया की लगाम दे रखी है. डेन के निदेशक धर्मेन्द्र सिंह उर्फ़ दिनेश कुमार सिंह उर्फ़ दिनू अपने परिवार में अकेला अपराधी नहीं बल्कि इसका भाई नागेश सिंह, संजय सिंह और साला सतेन्द्र कुमार भी आपराधी हैं और ये सभी वाराणसी के थाना रामनगर के हिस्ट्रीशिटर हैं. सभी का आपराधिक इतिहास साथ में दे रहा हूँ.
वाराणसी में खबर दिखाने के बाद प्रसारण बंद होने से इलेक्ट्रानिक मीडिया की काफी बदनामी हो रहर है कि आखिर ऐसा क्यों? क्या यही रह गया है कि पत्रकारिता में विश्वसनीय माना जाने वाला इलेक्ट्रानिक मीडिया अब इन गुंडों और माफियाओ के हाथ से संचालित होगा. ये एक बड़ा सवाल आप सबके सामने रख रहा हूँ. आप स्वयं उचित निर्णय लें ताकि इन माफियाओ को कानून के शिकंजों में पहुंचाया तथा इलेक्ट्रानिक मीडिया के शाख को बचाया जा सके. क्योंकि ये मीडिया ऐसे लोगों के चलते ही बदनाम और बरबाद हो रही है.


लेखक
राम सुंदर मिश्र 'राजू'
पत्रकार
वाराणसी
फोन नंबर- 09336933552, 09918701615






