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हिंदी साप्‍ताहिक ‘जीएनए’ का लोकार्पण

गाजियाबाद। भारतीय कृषक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कृषि मामलों के विशेषज्ञ डा. कृष्णबीर चौधरी ने कहा कि पत्रकारिता के पेशे को मिशन के रूप में अपनाना चाहियें, जब पत्रकारिता को पत्रकार कमाई से जोड़ लेते हैं तो उसी दिन से पत्रकारिता अपने पथ से भटक जाती है। श्री चौधरी आरडीसी राजनगर स्थित विरचूओसिक इंस्टीटयूट आफ प्रोफेशनल स्टेडीज के प्रेक्षागृह में आयोजित हिंदी साप्ताहिक ''ग्रेट नेशनल अचिएवमेंट'' (जीएनए) के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप मे उपस्थित पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे।

गाजियाबाद। भारतीय कृषक समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कृषि मामलों के विशेषज्ञ डा. कृष्णबीर चौधरी ने कहा कि पत्रकारिता के पेशे को मिशन के रूप में अपनाना चाहियें, जब पत्रकारिता को पत्रकार कमाई से जोड़ लेते हैं तो उसी दिन से पत्रकारिता अपने पथ से भटक जाती है। श्री चौधरी आरडीसी राजनगर स्थित विरचूओसिक इंस्टीटयूट आफ प्रोफेशनल स्टेडीज के प्रेक्षागृह में आयोजित हिंदी साप्ताहिक ''ग्रेट नेशनल अचिएवमेंट'' (जीएनए) के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप मे उपस्थित पत्रकारों को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्‍होंने कहा कि गैर प्रोफेशनल लोग भी मीडिया के ग्लेमर की चकाचौंध से आकर्षित होकर इस पेशे में प्रवेश कर रहे हैं तथा मीडिया को ढाल बनाकर इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। श्री चौधरी ने इस मिथक को सिरे से खारिज कर दिया कि देश की आजादी की लड़ाई लड़ने तक पत्रकारिता मिशन के रूप में की जा रही थी, गोया देश आजाद हो गया है तो पत्रकारिता व्यवसायिक हो गयी है। इंटरनेशनल स्तर की पत्रिका ''फारमर फोरम'' के सम्पादक श्री चौधरी ने कहा कि मिशनरी पत्रकारिता के अभाव के चलते ही देश तथा मीडिया भी भ्रष्टाचार की चपेट में आ गया है, इसलिए मिशनरी पत्रकारिता के महत्व को कभी नकारा नहीं जा सकता।

इसी क्रम में देशबंधु, नई दिल्ली संस्करण के प्रादेशिक सम्पादक व खोजी वरिष्ठ पत्रकार अशोक निर्वाण ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि मिशनरी पत्रकारिता अभी भी जिंदा है, जो लोग पत्रकारिता को रोजी रोटी से नहीं जोड़ते वे लोग अभी भी पत्रकारिता को मिशन के रूप में चुनौतीपूर्ण ढंग से कर रहे हैं। जीएनए के सम्पादक राजवीर ने कहा कि यह अखबार मिशनरी पत्रकारिता के मूल्यों से कभी नहीं भटकेगा। इस अखबार में मजलूमों की आवाज को बुलंदी के साथ उठाया जाएगा। राजवीर ने कहा इस अखबार का मूलमंत्र है – सच से समझौता नहीं – इसलिए इस अखबार के सम्पादकीय बोर्ड ने यह ''भीष्‍म प्रतिज्ञा'' की है कि हमारे समक्ष कितनी भी बड़ी परेशानी आये लेकिन हम पथभ्रष्ट नहीं होंगे, पाठकों से यह हमारा वादा है।

इस अखबार में ग्रामीण क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता दी जाएगी, क्योंकि देश की तरक्की का रास्ता गांव के गलियारों से होकर गुजरता हैं। इस समाचार पत्र को भविष्य में देश की अन्य मान्यता प्राप्त भाषओं में प्रकाशित करने की योजना है। मंच का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शशिकांत वत्स ने किया जबकि समाजसेवी व पत्रकार अरविंद भारती ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पत्रकारों को सम्मानित भी किया गया।

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