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बीते साल 141 पत्रकारों की कर दी गई हत्‍या

जिनेवा : स्विट्जरलैंड स्थित मीडिया निगरानी समूह प्रेस एम्बलेम कैम्पेन (पीईसी) ने आज कहा कि वर्ष 2012 पत्रकारों के लिए सबसे घातक रहा। गत वर्ष 29 देशों में 141 पत्रकारों की हत्या हुई है। इनमें सबसे ज्यादा हत्याएं सीरिया में हुई हैं। पत्रकारों के अधिकार के लिए काम करने वाली संस्था पीईसी ने एक बयान में कहा कि वर्ष 2011 के मुकाबले पत्रकारों की हत्या की संख्या में 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बयान में कहा गया है कि सीरिया में कम से कम 37 पत्रकार मारे गए जिनमें से 13 विदेशी मीडिया के लिए काम करते थे।

जिनेवा : स्विट्जरलैंड स्थित मीडिया निगरानी समूह प्रेस एम्बलेम कैम्पेन (पीईसी) ने आज कहा कि वर्ष 2012 पत्रकारों के लिए सबसे घातक रहा। गत वर्ष 29 देशों में 141 पत्रकारों की हत्या हुई है। इनमें सबसे ज्यादा हत्याएं सीरिया में हुई हैं। पत्रकारों के अधिकार के लिए काम करने वाली संस्था पीईसी ने एक बयान में कहा कि वर्ष 2011 के मुकाबले पत्रकारों की हत्या की संख्या में 31 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बयान में कहा गया है कि सीरिया में कम से कम 37 पत्रकार मारे गए जिनमें से 13 विदेशी मीडिया के लिए काम करते थे।

पीईसी के मुताबिक, सोमालिया में भी स्थिति खराब हुई है। वर्ष 2012 में वहां 19 पत्रकारों की हत्या हुई है। तीसरे स्थान पर दो लैटिन अमेरिकी देश मैक्सिको और ब्राजील रहे जहां 11-11 पत्रकारों की हत्या हुई। होंडुरास में वर्ष 2012 में छह पत्रकार मारे गए। पत्रकारों की हत्या के मामले में भारत पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ आठवें स्थान पर रहा। भारत और बांग्लादेश में चार-चार पत्रकारों की हत्या की गई। (एजेंसी)

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