लखनऊ में राज्य संपत्ति विभाग ने राजधानी के 53 पत्रकारों को सरकारी मकान खाली करने के लिए नोटिस जारी किया है. पहली लिस्ट में 24 लोगों को नोटिस जारी किया गया है, जिसमें से चार लोगों ने नोटिस का जवाब देकर मकान पर कब्जा रखने की कोशिशों में सफल रहे हैं, जबकि 20 लोगों के ऊपर अभी भी तलवार लटक रही है. बताया जा रहा है कि 53 लोगों में करीब 45 पत्रकार ऐसे हैं, जिन्होंने राज्य संपत्ति विभाग को अभी कोई जवाब नहीं दिया है और ये गैर कानूनी तरीके से मकान पर काबिज हैं. सरकार ऐसे लोगों से मकान खाली कराने के मूड में है, जो पत्रकार नहीं रहे गए हैं या किसी अखबार, मैगजीन या टीवी चैनल में कार्यरत नहीं है.
भड़ास के पास पहली लिस्ट के चौबीस लोगों के नाम हैं, जिनको नोटिस जारी किया गया था. इनमें से चार लोगों ने नोटिस का जवाब देकर अपना मकान बचा लिया है. नीचे लिस्ट में नोटिस पाने वाले पत्रकारों के नाम-
1- भास्कर दुबे (पत्रकार)
2- श्रीमती प्रतिभा सिंह (पत्रकार)
3- पवन मिश्रा (पत्रकार)
4- अमन अब्बास (संपादक)
5- कु. शैल्वी शारदा (स्टाफ करेस्पाण्डेंट)
6 – अमित तिवारी पुत्र स्व बीसी तिवारी (संपादक)
7- पंकज के वर्मा (पत्रकार)
8- शशांक शेखर त्रिपाठी (स्थानीय संपादक)
9- एमए हफीज (स्वतंत्र पत्रकार)
10- अब्बास हैदर (कैमरामैन)
11- श्रीमती गीता सिंह पत्नी स्व. अरविंद सिंह (स्थानीय संपादक)
12- रतनमणि लाल (समाचार संपादक)
13- श्रीमती रत्ना बनर्जी पत्नी स्व. केडी बनर्जी (पत्रकार)
14 श्रीमती सुधा साक्षी (प्रधान संपादक)
15- श्रीमती मंजू उपाध्याय पत्नी स्वत रामकल्प उपाध्याय (संपादक)
16- अशोक कुमार मिश्रा (मुख्य संवाददाता)
17- श्रीमती कल्पना तिवारी (उप संपादक)
18- अवधेश (संपादक)
19- जितेंद्र सिंह (संपादक)
20- इरशाद इल्मी (संपादक)
21- रामकुमार यादव (पत्रकार)
22- आसिफ बर्नी (संपादक)
23- अबरार अहमद फारुकी (संवाददाता)
24 नादिर वहाब खां (संवाददाता)
इनमें से कई लोगों का तबादला लखनऊ से बाहर हो गया है. इस लिस्ट से जिन चार लोगों को नोटिस का जवाब देने के बाद मकान नए सिरे से आबंटित किया गया है, उनके नाम हैं- कुमारी शैल्वी शारदा, अमित तिवारी, पंकज के वर्मा एवं रतनमणि लाल. इनके अलावा भी कई और लोग हैं, जिन्हें राज्य संपत्ति विभाग ने नोटिस दिया है. ऐसे लोगों की सूची जल्द ही फिर प्रकाशित की जाएगी.
मूल खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें – लखनऊ के सरकारी मकान पर काबिज 53 पत्रकारों को खाली करने का नोटिस






