नई दिल्ली : पिछले महीने दिल्ली में चलती बस में सामूहिक बलात्कार की शिकार लड़की के मित्र और चश्मदीद गवाह से बातचीत को प्रसारित करने वाले समाचार चैनल के विरुद्ध मामला दर्ज करने की चेतावनी की भाजपा ने शनिवार को भर्त्सना करते हुए इसे प्रेस की आज़ादी पर प्रहार बताया है। पार्टी के प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संबंधित चैनल के खिलाफ मामला दर्ज करने की दिल्ली पुलिस की घोषणा ‘एक ऐसा आचरण है जिसे किसी तरह भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। यह अस्वीकार्य आचरण होने के साथ ही प्रेस की आज़ादी पर भी हमला है।’
पीड़ित लड़की और उसके मित्र को अस्पताल पंहुचाने में बेवजह की देरी करने के लिए उन्होंने पुलिस की आलोचना की। प्रसाद ने कहा, ‘वीभत्स घटना के बाद दोनों अर्ध-नग्न अवस्था में सड़क पर पड़े हुए थे और पीसीआर वाहनों के पुलिस कर्मी 25 मिनट तक आपस में यही तकरार करते रहे कि यह मामला किसके इलाके में आता है और कौन सी पीसीआर वैन पीड़ितों को अस्पताल ले जाएगी।’
भाजपा के निलंबित सदस्य और सांसद राम जेठमलानी ने दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार की इसलिए आलोचना की कि उन्होंने पीड़ितों के साथ पुलिस के इस व्यवहार की जांच नहीं करवाई और अस्पताल पंहुचाने में हुए विलंब की जवाबदेही तय नहीं की। उन्होंने कहा कि यह खेद की बात है कि पीड़ित लडकी के मित्र के बताए जाने पर पुलिस के इस आचरण पर से पर्दा हटा है जबकि ‘हमें मालूम होना चाहिए था कि क्या हुआ, पुलिस आयुक्त क्या कर रहे थे, वह प्रदर्शनकारियों पर प्रहार कर रहे थे और जो किया जाना चाहिए था, उन्होंने वह नहीं किया। (एजेंसी)





