नई दिल्ली : सामूहिक दुष्कर्म मामले में पीड़ित युवक का बयान चैनल पर दिखाने के बाद वसंत विहार थाना की पुलिस ने जी न्यूज संपादक सुधीर चौधरी को मामले में पूछताछ के लिए नोटिस भेजा है। जिसके बाद जी न्यूज संपादक सुधीर चौधरी ने शनिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। सुधीर चौधरी ने अपनी याचिका में कोर्ट से निवेदन किया कि पुलिस के समक्ष उनके बयान तथा पूछताछ की वीडियो रिकार्डिंग की जाए। अदालत ने अपने आदेश में इस बारे में कुछ नहीं कहा कि वीडियोग्राफी की जायेगी या नहीं। अदालत ने दिल्ली पुलिस से कानून के अनुरूप कदम उठाने को कहा।
जी न्यूज संपादक सुधीर चौधरी ने अपने अधिवक्ता विजय अग्रवाल के माध्यम से कहा कि उन्होंने शुक्रवार को सामूहिक दुष्कर्म मामले में पीड़िता युवती के दोस्त का बयान टीवी पर दिखाया है। जिसमें पीड़ित युवक ने पुलिस की लापरवाही की पोल खोल दी। इस टेलीकास्ट के बाद वसंत विहार थाना की पुलिस ने उनके खिलाफ नोटिस जारी कर उन्हें जांच में शामिल होने के लिए कहा है। इसके अतिरिक्त पुलिस ने पीड़ित का बयान चलाने के संबंध में वसंत विहार में चैनल के खिलाफ एक मामला आइपीसी की धारा 228ए के तहत दर्ज किया है। इसलिए पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसकी वीडियो रिकार्डिंग करवाई जाए।
इस पर सुनवाई करते हुए मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट नम्रता अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा कि उन्होंने आरोपी के वकील की दलीलें सुनी। वसंत बिहार पुलिस थाने के एसएचओ को कानून के तहत कदम उठाने का निर्देश दिया जाता है। चौधरी के वकील ने सवाल उठाया कि पीड़िता के मित्र ने साक्षात्कार में पुलिस के गैर जिम्मेदाराना रूख को उजागर किया है, इसलिए वही पुलिस चैनल के खिलाफ किस प्रकार से मामला दर्ज कर सकती है और जांच कर सकती है। यह निष्पक्ष नहीं हो सकता है। पुलिस ने जी न्यूज के खिलाफ पीड़िता के मित्र और इस मामले का एकमात्र गवाह का साक्षात्कार प्रसारित कर समूहिक बलात्कार पीड़िता की पहचान जाहिर करने पर मामला दर्ज किया था।
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