दो महीने तक मानसिक चिंता से मुक्त रहे न्यूज चैनलों के कर्ताधर्ता बुधवार से फिर तनाव में दिखेंगे. टेलीविजन के दर्शकों के संख्या की निगरानी करने वाली एकमात्र भारतीय एजेंसी टैम मीडिया समाचार चैनलों के व्यूअरशिप के आंकड़े आज जारी करेगी. टैम की मारामारी के चलते तमाम चैनलों पर आरोप लगते रहते हैं कि वे खबरों को सनसनी बनाकर प्रस्तुत करते हैं. इसके पहले सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में भी टैम को व्यूअरशिप के आंकड़े जारी करने से मना किया था.
आज के बाद अब हर बुधवार को टैम आंकड़े जारी करेगा. हालांकि टैम के आंकड़ों को लेकर हमेशा से विवाद रहा है. लोग इस पर उंगलियां भी उठाते रहे हैं. इसके बावजूद मार्केट का फंडा इन्हीं टैम आंकड़ों के आसपास घूमता रहा है, लिहाजा टीआरपी पाने के लिए चैनल भूत प्रेत से लेकर स्वर्ग नरक तक पहुंचते रहते हैं. एजेंसी इससे पहले 7 अक्टूबर 2012 के बाद के सभी प्रकार के कार्यक्रमों के आंकड़े जारी करने वाली थी. न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन पहले से ही लंबित अवधि के लिए व्यक्तिगत तौर पर चैनलों के व्यूअरशिप आंकड़ों को जारी किए जाने के मामले में अपनी सहमति दे चुकी है.





