बीजिंग। मीडिया पर सेंसरशिप के खिलाफ चीनी पत्रकार सड़कों पर उतर आए हैं। एक साप्ताहिक के पत्रकारों का यह दुर्लभ प्रदर्शन दो दिनों से जारी है, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि मीडिया पर सरकारी नियंत्रण बना रहेगा। प्रदर्शनों को दूसरे मीडिया समूहों का भी समर्थन मिल रहा है। हालांकि न्यूज वेबसाइट्स पर सरकारी संपादकीय ही चला, जिसमें पत्रकारों की आलोचना की गई है, लेकिन उन्होंने अस्वीकृति भी लगाई कि इसमें अभिव्यक्त विचारों का यह मतलब नहीं है कि वे खुद इससे सहमत हैं।
सरकार ने सभी मीडिया समूहों को सर्कुलर जारी किया है कि आधिकारिक मीडिया पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में ही रहेगा। यह मूलभूत सिद्धांत है, जिसे बदला नहीं जा सकता। इसमें सभी अखबारों को ग्लोबल टाइम्स का संपादकीय प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया है। इस बीच, विदेश मंत्रालय ने इन पत्रकारों को मिले अमेरिका के समर्थन की निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने होंग लेई ने कहा, 'चीन अपने आंतरिक मामलों में किसी भी देश व व्यक्ति के दखल का विरोध करता है।' उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता विक्टोरिया नुलैंड के बयान पर यह प्रतिक्रिया दी। नुलैंड ने कहा था कि अमेरिका चीनी और वहां काम कर रहे विदेशी पत्रकारों के अधिकारों के लिए हमेशा से समर्थन में रहा है। (प्रेनो)






