पिछले दिनों रायपुर में कथाकार परितोष चक्रवर्ती का नवीनत उपन्यास 'प्रिंट लाइन' (प्रकाशक भारतीय ज्ञानपीठ) के विमोचन समारोह में बोलते हुए वरिष्ठ आलोक डा. अजय तिवारी एवं कवि-समीक्षक डा. जितेंद्र श्रीवास्तव ने इसे जीवंत इतिहास बोध की सार्थक रचना कहा कि उपन्यास की भाषा में मुहावरों के सटीक प्रयोग और शिल्प को लेकर भी संतोष जताया गया. वहीं डा. रमन सिंह ने इसकी प्रवाहमयी भाषा और चरित्रों की विशेषताओं के लिए उपन्यास को एक पठनीय कृति बताया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति डा. सच्चिदानंद जोशी ने 'प्रिंट लाइन' उपन्यास को जीवन की गहरी संवेदना को उकेरने में सफल बताया.







