महराजगंज सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के निचलौल रेंज के जंगल सटे बढ़या गांव के पास मंगलवार को हिरन के खाल, सिंग, चरस व अवैध असलहे के साथ पकड़ा गया चर्चित आरोपी वर्षों से पुलिस से गहरा रिश्ता बनाकर अवैध कारोबार में लिप्त रहा है। आए दिन थाने पर दिखाई देने वाला यह व्यक्ति इतनी गंभीर वारदात में शामिल होगा इस पर तनिक भी विश्वास नहीं हो रहा है। लेकिन इसके अन्दर की कहानी से पुलिस के रिश्तों की आड़ में अवैध कारोबार के संचालन को बल मिलना बताया जा रहा है। बताया जाता है कि बढ़या स्थित उसके घर पर नेपाल के एक आदमी का आवागमन बना रहता है जिसके माध्यम से नेपाल से तस्करी की बस्तुएं उक्त व्यक्ति व उसके लड़कों द्वारा पड़ोसी जिलों तक भेजी जाती हैं। वन विभाग के लोग इस मामले में सक्रिय नही हुए होते तो पुलिस अपनी वाली कर ही देती।
बता दें कि मंगलवार की सुबह वन विभाग के अधिकारियों को सूचना मिलने पर निचलौल रेंज के वन दारोगा सरजू प्रसाद, विनय गौड़ व रविन्द्र प्रताप ने बढ़या नहर पुल पर दो मोटरसाइकिलों पर बोरे में रखकर हिरन की खाल, सिंग, चरस व अवैध बन्दूक मय जिन्दा कारतूस के साथ बढ़या टोला गेठियहवां निवासी नरेंद्र बहादुर सिंह व उसके पुत्र लक्ष्मण को पकड़ा था। वहां से निचलौल रेंज तक आते समय निचलौल एसओ पवन सिंह भी रास्ते में मिल गए। जिनके साथ ये लोग निचलौल आए पुलिस इस मामले को अपने खाते में लेकर इसकी कहानी नरेंद्र बहादुर के गांव के कुछ लोगों के साथ जोड़कर साजिश के तहत गंभीर मामले में फंसाने की बात से जोड़ रही थी। रेंजर निचलौल के कड़े रूख से पुलिस पूरे मामले को वन विभाग को सौंप दिया। बताया जाता है कि पकड़ा गया अभियुक्त नरेंद्र बहादुर सिंह आए दिन थाने पर दिखाई देता रहता है। यहां के अधिकारियों के साथ बैठकर मनमाफिक कार्य कराता रहता है। वहीं पुलिस के रिश्तों की डोर में अवैध कारोबार के तार भी जुड़े हैं। बताया जाता है कि कुछ वर्ष पहले उसके लड़के अवैध शराब के साथ पकड़े जा चुके हैं। तथा उसके बढ़या स्थित घर पर नेपाल का एक रामू नामक व्यक्ति आता जाता रहता है। जिसके माध्यम से नेपाल से नशीले पदार्थों की तस्करी होती रही है। आसपास के गांवों के लोगों की बात माने तो उसके घर से खड्डा कुशीनगर तक जंगल के रास्ते मादक पदार्थों की तस्करी मोटरसाइकिलों के जरिए की जाती है। इधर पुलिस उक्त आरोपी के रिश्ते निभाने के चक्कर में उसके गांव के कुछ लोगों को बुलाकर प्रताड़ित भी कर रही है। पुलिस का मानना है कि नरेंद्र को गांव के कुछ लोग जिनसे नरेंद्र का भूमि विवाद है ऐसे लोगों ने साजिश करके उसे फंसाया है। निचलौल रेंजर एके मिश्र ने बताया कि हिरन की खाल व सिंग पकड़े जाने के मामले में नरेंद्र बहादुर के विरूद्ध वन्यजीव अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इसकी जांच एसडीओ वन सदर महराजगंज द्वारा की जा रही है। साथ ही चरस व अवैघ असलहे के मामले को पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया है। वही पुलिस अधिकारी मामले को अब भी पचाने में लगे है
महराजगंज से ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की रिपोर्ट





