महराजगंज पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी जितना भी वर्दी पर दाग लगने से बचाने के लिए कड़े निर्देश जारी कर दें पर इसका असर महकमें के नीचले पायदान पर आते आते बेअसर साबित होता है। उच्चाधिकारी अवैध शराब की बिक्री पर कभी तो इतना कड़ा निर्देश देते हैं कि ऐसी शिकायतें मिलने पर थाना प्रभारी नपते । पर जमीनी हकीकत बिल्कुल विलोम ही है। इस पर नियंत्रण के बजाय वर्दी बकायदे इस कारोबार में शामिल हो गई है। इसका खुलासा निचलौल थानाक्षेत्र के सीमावर्ती शीतलापुर चौकी पर तैनात एक सिपाही द्वारा नेपाली शराब को चौकी से परागपुर गांव तक पहुंचाने के लिए सारी हदें पार किए जाने से हुआ है। सिपाही ने शराब न पहुंचाने पर उक्त टैम्पो चालक की पिटाई तक कर दी।
बता दें कि निचलौल थानाक्षेत्र के ग्राम करमहिया टोला अमड़ी निवासी हसमुद्दीन अंसारी पुत्र रफीक अंसारी ने बीते 11 फरवरी को सीओ निचलौल को शिकायती पत्र देकर अवगत कराया था कि आठ फरवरी की रात में 12 बजे के करीब शीतलापुर चौकी के एक सिपाही ने उसके घर आकर उसे अपना टैम्पो नेपाली शराब की तीस पेटी चौकी से परागपुर गांव तक पहुंचाने का दबाव बनाने लगा।
टैम्पो चालक द्वारा शराब लादकर पहुंचाने से इंकार किया तो उक्त सिपाही ने उसे गाली गुप्ता देते हुए उसकी पिटाई कर दिया। इतना ही नहीं उसकी पत्नी द्वारा विरोध किए जाने पर उसे भी सिपाही ने थप्पड़ से पिटाई कर दिया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि सिपाही द्वारा अगले दिन अमड़ी पुल पर भी दुर्व्यवहार करते हुए टैम्पो को सीज करने की धमकी दी गई। इस पूरे प्रकरण से इस बात का खुलासा हो रहा है कि सीमावर्ती चौकियों पर तैनात सिपाही भी नेपाली शराब की तस्करी करा रहे हैं।
इनके द्वारा नेपाल से सीमा तक कैरियरों से नेपाली शराब मंगाकर निचलौल से सटे गांवों परागपुर, सिरौली, ओड़वलिया, बैदौली, टिकुलहियां आदि गांवों तक पहुंचाई जा रही है। इन गांवों में दुकानों पर नेपाली शराब की बिक्री जोरों पर चल रही है। सिपाहियों द्वारा थोक मात्रा में नेपाली शराब को पहुंचाकर अच्छा खासा साइड बिजनेस किया जा रहा है।
इस संबंध में पूछे जाने पर सीओ निचलौल रविन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि इस तरह का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो यह गंभीर मामला है। इसकी जांच की जाएगी
महराजगंग से ज्ञानेंद्र त्रिपाठी की रिपोर्ट





