हरियाणा न्यूज के मालिक गोपाल कांडा की रंगीनमिजाजी ही उसकी मुसीबत बन गई है. पहले गीतिका और अब उसकी मां ने आत्महत्या कर के इसकी पूरी जिम्मेदारी कांडा एवं उसकी सहायक अरुणा चड्ढा पर डाल दी है. पुलिस की जांच में कांडा के कई छिपे सच, उसकी रंगीनमिजाजी और सरकार को चूना लगाने का प्लानिंग भी सामने आ गई है. गोपाल कांडा ने अपनी 39 कंपनियों में 20 महिलाओं को डायरेक्टर के पद तक पहुंचाया.
ये महिलाएं भले ही उनकी रिश्तेदार, जानकार या दोस्त रही हों, लेकिन कांडा ने 38 कंपनियों में 17 महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया. बताया जाता है कि एकेजी इंफ्राबिल्ड तो गोपाल कांडा ने केवल अरुणा चड्ढा और गीतिका शर्मा के लिए ही खड़ी की है. और इसके कई कारण भी बताए जाते हैं. हालांकि पुलिस का मानना है कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को अपने नजदीक लाने के लिए ही गोपाल कांडा ने उनको महत्वपूर्ण पद दे दिए थे.
इसके अलावा कई सवाल अब भी खड़े हैं कि क्या कांडा को ये भय रहता है कि उसकी कंपनी के डायरेक्टर वफादार नहीं हैं? क्या गोपाल कांडा अपनों से ज्यादा बेगानों पर यकीन करता है, क्योंकि ज्यादातर डायरेक्टर उसके रिश्तेदार नहीं बल्कि दोस्त या जानकार हैं? क्या कांडा ने सरकार को रेवेन्यू का चूना लगाने के लिए ही इतनी कंपनियां खड़ी की थीं? इन सवालों के जवाब दिल्ली पुलिस भी जानने की कोशिश कर रही है. जिन महिलाओं को कांडा ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी थीं उनमें सरोज अलंकार, सुधा पवार, प्रेरणा, कंचन भल्ला, सरिता देवी, सुशीला गोयल, गरिमा चावला, सरस्वती गोयल, सरिता अग्रवाल अरुणा चड्ढा और खुशबू शर्मा का नाम सबसे आगे है.





