Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

विविध

अब पाकिस्‍तानी अखबार में लेख लिखकर मोदी को घेरा काटजू ने

नई दिल्ली। प्रेस काउंसिसल के चेयरमैन मार्कंडेय काटजू ने अब पाकिस्तान के अखबार में लिखे लेख में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने लेख में मोदी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनकी तुलना हिटलर से कर दी। काटजू अपने इस लेख से एक बार फिर बीजेपी के निशाने पर हैं। काटूज के इस लेख से आगबबूला बीजेपी ने कहा कि वह अब पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। बीजेपी ने इसे राष्ट्रविरोधी लेख करार दिया है।

नई दिल्ली। प्रेस काउंसिसल के चेयरमैन मार्कंडेय काटजू ने अब पाकिस्तान के अखबार में लिखे लेख में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने लेख में मोदी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन उनकी तुलना हिटलर से कर दी। काटजू अपने इस लेख से एक बार फिर बीजेपी के निशाने पर हैं। काटूज के इस लेख से आगबबूला बीजेपी ने कहा कि वह अब पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। बीजेपी ने इसे राष्ट्रविरोधी लेख करार दिया है।

गौरतलब है कि जस्टिस काटजू ने इससे पहले भारत के ही एक राष्ट्रीय दैनिक में लेख लिखकर मोदी पर निशान साधा था। इसके बाद बीजेपी और काटजू के बीच ठन गई थी। राज्यसभा में बीजेपी नेता अरुण जेटली ने तो जस्टिस काटजू को बर्खास्त करने की मांग कर डाली थी। काटजू का यह ताजा लेख पाकिस्तान के अखबार 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' में छपा है। लेख का हेडिंग है 'मोदी और 2002 का नरसंहार।' इस लेख में काटजू ने लिखा है, 'मोदी के समर्थक दावा करते हैं कि गुजरात में जो कुछ हुआ वह गोधरा में ट्रेन में 59 हिंदुओं की हत्या की तात्कालिक प्रतिक्रिया थी। मैं इस कहानी पर यकीन नहीं करता। पहली बात यह अभी भी रहस्य है कि गोधरा में क्या हुआ था। दूसरी बात जो लोग भी गोधरा कांड के दोषी थे, उनकी पहचान होनी चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलने चाहिए। लेकिन इससे गुजरात के मुस्लिम समुदाय पर हमले को कैसे जायज ठहराया जा सा सकता है?'

काटजू आगे लिखते हैं, 'गुजरात की कुल आबादी में मुसलमान 9 पर्सेंट हैं। बाकी ज्यादातर हिंदू हैं। 2002 में मुसलमानों का नरसंहार किया गया, उनके घर जलाए गए और उन्हें कई तरीके से निशाना बनाया गया। 2002 में मुसलमानों की हत्या को तात्कालिक प्रतिक्रिया कहना नवंबर 1938 में जर्मनी के क्रिस्टालनाष्ट की घटना की याद दिलाता है। जब जर्मनी में पूरे यहूदी समुदाय पर हमला किया गया था। तब नाजी सरकार ने दावा किया था कि ये एक तात्कालिक प्रतिक्रिया थी। लेकिन सच्चाई यह थी कि नाजी शासन ने योजनाबद्ध तरीके से उन्मादी भीड़ का इस्तेमाल कर इस घटना को अंजाम दिया था। मैं भारत के लोगों से अपील करता हूं कि अगर वह वाकई भारत के बारे में चिंतित हैं तो इन बातों का ख्याल रखें।' (एनबीटी)

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...