हिंदुस्तान, बरेली में स्थितियां सुधर नहीं रही हैं. खबर है कि गुरुवार की शाम वेतन के मामले को लेकर संपादक तथा डीएनई के बीच सरेआम गरमा-गरमी हुई. बात अपशब्दों से होते हुए हाथापाई की नौबत तक पहुंच गई, परन्तु एनई ने बीच बचाव कर मामले को सलटा लिया. इस मामले की जानकारी प्रधान संपादक शशि शेखर तक पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि उनके निर्देश पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.
खबर के अनुसार बीमार होने के चलते डीएनई बृजेंद्र निर्मल अवकाश पर थे. संपादक कुमार अभिमन्यु ने कुछ समय पहले ही उन्हें अपकंट्री हेड बनाया था. इस दौरान उन्होंने बृजेंद्र निर्मल से कहा था कि आप मेडिकल दे दीजिएगा तो नियमानुसार आपकी सैलरी नहीं कटेगी. परन्तु उन्होंने मेडिकल नहीं दिया, जब कल बृजेंद्र निर्मल की सैलरी आई तो उसमें दस दिन का वेतन कटा हुआ था. इसी बीच संपादक कुमार अभिमन्यु कल शाम पांच बजे परसाखेड़ा स्थित हिंदुस्तान कार्यालय पहुंचे तो बृजेंद्र निर्मल उनसे सैलरी काटे जाने की बाबत पूछने लगे.
इसको लेकर गरमा गरमी हो गई. संपादक अपने केबिन में चले गए. बृजेंद्र निर्मल ने मेल से उन्हें नोटिस दे दिया. संपादक ने निर्मल को अपने केबिन में बुलाया तथा अपनी बात रखने को कहा, परन्तु अमूमन शांत रहने वाले बृजेंद्र निर्मल सैलरी काटे जाने से इतना खफा थे कि वे थोड़ी तेज आवाज में बात करने लगे. इसी को लेकर संपादक कुमार अभिमन्यु ने भी कुछ बोला, जिसके बाद बहस तेज हो गई. सूत्रों का कहना है कि बात गाली ग्लौज तक पहुंच गई. परन्तु एनई योगेंद्र रावत ने बीच बचाव कर मामले को सुलझाया.
इस घटना के बाद बृजेंद्र निर्मल काम छोड़कर घर चले गए. बताया जा रहा है कि उन्होंने वरिष्ठों को इसकी जानकारी दी. संपादक ने भी इस मामले से सीनियर लोगों को अवगत कराया. यह मामला प्रधान संपादक शशि शेखर के संज्ञान में भी पहुंचा. उन्होंने इस मामले की पूरी जानकारी लिया. हालांकि हिंदुस्तान, बरेली से पिछले कुछ समय में कई लोगों ने इस्तीफा दे दिया है. इस अखबार के भीतर की स्थितियां काफी बिगड़ चुकी हैं.





