रुद्रपुर। विगत 9 वर्षों से बिना पंजीकरण प्रकाशित हो रहे दैनिक जागरण, हल्द्वानी को दिया जाना वाला विज्ञापन उत्तराखण्ड सूचना एवं लोक संपर्क विभाग ने रोक दिया है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही या दैनिक जागरण प्रबंधन से मिलीभगत के चलते दैनिक जागरण, हल्द्वानी को विगत 9 वर्षों से अवैध रूप से विभागीय विज्ञापन व अन्य सुविधाएं मिलती रहीं।
विगत वर्ष एक पत्रकार और आरटीआई कार्यकर्ता के कारण दैनिक जागरण, हल्द्वानी को विभागीय सुविधाएं अवैध तरीके से दिए जाने का मामला सूचना आयोग में फंस गया। जिस कारण अब सूचना निदेशालय को एक सप्ताह पूर्व विज्ञापन रोकने पड़े हैं। एक सप्ताह से दैनिक जागरण, हल्द्वानी में सूचना विभाग द्वारा जारी किए जाने वाले विज्ञापन नहीं प्रकाशित हो रहे हैं। यद्यपि क्षेत्रीय सरकारी कार्यालयों द्वारा सीधे जारी किए जाने वाले विज्ञापन अवश्य छप रहे हैं।
सूचना विभाग की इस कार्यवाही के बाद अब सवाल यह भी उठ रहा है कि दैनिक जागरण, हल्द्वानी संस्करण से जुड़े पत्रकारों की मान्यता भी क्या रद्द की जाएगी? अवैध तरीके से दैनिक जागरण, हल्द्वानी को दिए गये करोड़ों रुपये के भुगतान की वसूली की जाएगी और क्या क्षेत्रीय विभागों, कार्यालयों द्वारा सीधे जागरण को दिए जा रहे विज्ञापनों पर रोक लगाई जाएगी? साथ ही इस लापरवाही या अनियमितता के लिए जिम्मेदार विभागीय अफसरों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी?
एनके सिंह, रुद्रपुर






