Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

जागरण प्रबंधन शैलेंद्र पांडेय के साथ ऐसा क्‍यों कर रहा है?

जागरण प्रबंधन अपने कर्मचारियों का केवल शोषण ही नहीं करता है बल्कि उन्‍हें फंसाने तथा उन पर फर्जी मुकदमा लिखवाने में भी इसका कोई सानी नहीं है. जागरण समूह हर वो हथकंडा अपनाता है, जो वो अपने कर्मचारी को परेशान करने के लिए अपना सकता है. मामला आई नेक्‍स्‍ट, रांची से जुड़ा हुआ है. प्रबंधन ने यहां समूह के छोटे अखबार आई नेक्‍स्‍ट के मैनेजर रहे शैलेंद्र पांडेय के पीएफ को अब तक क्‍लीयर नहीं किया है, जिसके बाद शैलेंद्र ने सीधे पीएफ ऑफिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई है.

जागरण प्रबंधन अपने कर्मचारियों का केवल शोषण ही नहीं करता है बल्कि उन्‍हें फंसाने तथा उन पर फर्जी मुकदमा लिखवाने में भी इसका कोई सानी नहीं है. जागरण समूह हर वो हथकंडा अपनाता है, जो वो अपने कर्मचारी को परेशान करने के लिए अपना सकता है. मामला आई नेक्‍स्‍ट, रांची से जुड़ा हुआ है. प्रबंधन ने यहां समूह के छोटे अखबार आई नेक्‍स्‍ट के मैनेजर रहे शैलेंद्र पांडेय के पीएफ को अब तक क्‍लीयर नहीं किया है, जिसके बाद शैलेंद्र ने सीधे पीएफ ऑफिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई है.

मामला 18 मई 2011 का है. शैलेंद्र पांडेय आई नेक्‍स्‍ट, रांची में मैनेजर के पद पर पिछले तीन सालों से काम कर रहे थे. इस तिथि पर उन्‍होंने आई नेक्‍स्‍ट से इस्‍तीफा देकर हिंदुस्‍तान ज्‍वाइन कर लिया. बताया जा रहा है कि उस समय यहां पर शैलेंद्र के बॉस रोहित मल्‍होत्रा थे, जो अभी हिुदुस्‍तान, चंडीगढ़ से जुड़े हुए हैं, उन्‍होंने कहा कि तुमने छोड़ा तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. पर शैलेंद्र ने कहना था हर कोई अपना बेहतर सोचता है तो इसमें बुराई क्‍या है.

खैर, शैलेंद्र ने आगरा में हिंदुस्‍तान ज्‍वाइन कर लिया. पर इधर जागरण प्रबंधन ने उनके पीएफ समेत कई बकायों को क्‍लीयर नहीं किया. प्रबंधन ने आरोप लगाया कि शैलेंद्र ने गबन किया है. इस मामले में पुलिस को दबाव में लेते हुए जागरण ने शैलेंद्र पर मुकदमा दर्ज करा दिया. साथ ही धमकी दी गई कि तुम्‍हें कहीं नौकरी नहीं करने दिया जाएगा. शैलेंद्र ने किसी तरह बेल लेकर अपनी नौकरी जारी रखी. बाद में उन्‍होंने हिंदुस्‍तान से भी इस्‍तीफा दे दिया.

इस बीच शैलेंद्र ने अपने पीएफ एवं अन्‍य बकायों के लिए कई बार आई नेक्‍स्‍ट और जागरण के लोगों से संपर्क किया परन्‍तु वे लोग कोई बात सुनने को तैयार नहीं हैं. शैलेंद्र पांडेय का कहना है कि मैनेजर कोआर्डिनेशन पुरुषोत्‍तम मिश्रा एवं मैनेजर पर्सनल चंद्र प्रकाश मिश्रा मेरा पीएफ क्‍लीयर न करने देने में अपनी पूरी भूमिका निभा रहे हैं. शैलेंद्र ने जागरण प्रबंधन के बदनीयती को देखते हुए पीएफ आफिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई है. संभावना है जल्‍द ही पीएफ कार्यालय इस मामले को संज्ञान में लेकर शैलेंद्र का बकाया क्‍लीयर करवाएगा.

गौरतलब है कि अपने कर्मचारियों के शोषण के लिए कुख्‍यात जागरण प्रबंधन लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बिल्‍कुल विश्‍वास नहीं करता है. इनके सिस्‍टम में आंतरिक लोकतंत्र के लिए कोई जगह नहीं है, जबकि अन्‍य अखबार किसी भी प्रकार की शिकायत मिलने पर आंतरिक जांच करवाते हैं, उसके बाद किसी कर्मचारी को रखने या निकालने का फैसला लिया जाता है. लेकिन जागरण में तानाशाही है, जिसे मन किया रख लिया, जिसे मन किया निकाल दिया. मजीठिया वेज बोर्ड मामले को लेकर भी जागरण प्रबंधन काफी समय से यही करता आ रहा है. अपने पुराने कर्मचारियों को एक झटके में बाहर का रास्‍ता दिखाता आ रहा है.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...