समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान यूपी में आम आदमियों की कौन कहे, पत्रकारों का बेहद बुरा हाल है. अगर आप थोड़े रसूख वाले हैं तो अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए आप किसी पर भी फर्जी मुकदमा लिखा सकते हैं, किसी को भी जेल भिजवा सकते हैं. ताजा मामला यूपी के संत कबीर नगर जिले का है. यहां पी7न्यूज के पत्रकार उमेश भट्ट समेत चार पत्रकारों व सामाजिक कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लूट का मुकदमा लिख दिया है. लूट के साथ मारपीट, गाली-गलौज समेत कई अन्य धाराएं भी लगाई गई हैं.
इस बारे में जब खुद पत्रकार उमेश भट्ट ने पुलिस के स्थानीय अफसरों सीओ और कोतवाल को फोन किया तो इन लोगों ने माना कि मुकदमा फर्जी है लेकिन उन लोगों ने मजबूरी भी बताई कि उपर के दबाव के कारण फर्जी मुकदमा लिखना पड़ा. कोतवाल ने तो यहां तक कह दिया कि पुलिस मुकदमा कहां लिखना चाहती है, वो तो दबाव होता है जिसके कारण मुकदमें लिखने पड़ते हैं.
पत्रकार उमेश भट्ट ने सीओ खलीलाबाद आरके शर्मा और कोतवाली प्रभारी खलीलाबाद विजय शंकर यादव से फोन पर बातचीत को रिकार्ड कर लिया. नीचे रिकार्डिंग दी जा रही है. आप भी सुनें और देखें कि किस तरह का जंगलराज चल रहा है यूपी में. पहला टेप सीओ से बातचीत का है. दूसरा वाला टेप कोतवाल से बातचीत का है.
सीओ आरके शर्मा से बातचीत का टेप…
कोतवाल विजय शंकर यादव से बातचीत का टेप…
इस मामले से संबंधित मूल खबर ये है, क्लिक करें-






