नई दिल्ली : एयर होस्टेस गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को गोपाल गोयल कांडा की जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री एवं हरियाणा न्यूज के मालिक कांडा को गीतिका शर्मा की आत्महत्या मामले में उनकी कथित भूमिका के चलते गिरफ्तार किया गया था। सर्वोच्च अदालत ने उन्हें सेशन कोर्ट का दरवाजा खटखटाने को कहा है। न्यायमूर्ति सीके प्रसाद की अध्यक्षता वाली पीठ ने कांडा की जमानत अर्जी पर विचार करने से मना कर दिया। पीठ ने कहा कि वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट आएं।
पूर्व मंत्री ने दिल्ली हाईकोर्ट के गत वर्ष 19 नवंबर के जमानत देने से इनकार करने के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि पूर्व मंत्री की ओर से गवाहों को प्रभावित किए जाने और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने का अंदेशा है। ऐसे में उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। हाईकोर्ट ने अभियोजन के उस तर्क को भी दर्ज कर लिया था जिसमें कहा गया था कि सरेंडर करने से पहले कांडा की ओर से दस्तावेजी सुबूतों को नष्ट किया गया। इसके बाद उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर किया गया था।
गौरतलब है कि गीतिका खुदकुशी कांड में नाम आने पर हरियाणा के पूर्व मंत्री के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने लगा था। इस हाईप्रोफाइल मामले के मीडिया में आने के बाद कानूनी प्रक्रिया में काफी तेजी आ गई। इसी क्रम में अब गोपाल कांडा की अर्जी पर देश की सर्वोच्च अदालत ने विचार करने से ही इन्कार कर दिया। इससे हरियाणा के पूर्व मंत्री को बड़ा झटका लगा है।






