औरंगाबाद, बिहार। शहर के महाराजगंज रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के पास चुनाव कार्य के लिए वाहनो को पकड़ रहे औरंगाबाद के मोटर यान निरीक्षक(एमवीआई) केके त्रिपाठी दो इलेक्ट्रॅनिक मीडियाकर्मियों से भिड़ गए। एमवीआई द्वारा वाहनों की धरपकड़ के लिए किये जा रहे कार्य की इंडिया न्यूज़ के पत्रकार धीरज पाण्डेय एवं इंडिया टीवी के प्रियदर्शी किशोर श्रीवास्तव द्वारा न्यूज कवरेज के लिए वीडियोग्राफी की जा रही थी। इस दौरान जैसे ही एक वाहन आया उसे एमवीआई द्वारा रोका गया। रोके जाने पर वाहन से उतरते ही चालक ने वाहन के अंदर मौजूद महिला मरीज की ओर इशारा किया और डॅक्टर द्वारा रेफर किए गए कागजात दिखाते हुए वाहन को नहीं रोके जाने का आग्रह किया, लेकिन एमवीआई उनका आग्रह सुनने के बजाय दादागिरी दिखाते हुए उल्टा-सीधा कहने लगे। इस दौरान वाहन जब्ती की कवरेज कर रहे पत्रकार धीरज पाण्डेय ने एमवीआई की इस हरकत को अपने कैमरे में कैद कर लिया। कैमरे में अपनी हरकत के कैद होने का जैसे ही भान एमवीआई को हुआ वे पत्रकार से भिड़ पड़े और उन्होंने धीरज पाण्डेय को जोर से धक्का दिया जिससे वह सड़क पर गिर पड़ा। सड़क पर गिरते ही एमवीआई धीरज पाण्डेय पर पिल पड़े।
इस बीच एमवीआई के वाहन चालक ने दूसरे पत्रकार को टक्कर मारने की कोशिश की जिसमें वह बाल-बाल बचा। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची नगर थाना की पुलिस ने तात्कालीक तौर पर एमवीआई के वाहन को जब्त कर लिया हैं। इस मामले में पत्रकार धीरज ने नगर थानाध्यक्ष को एमवीआई के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने हेतु प्रार्थना पत्र दिया है। आवेदन में धीरज ने उपरोक्त धटना का जिक्र करते हुए कहा है कि एमवीआई सड़क पर गिरने के बाद उसके सीने पर चढ़कर उसकी गर्दन दबा रहे थे तथा उन्होंने उसके कैमरे को सड़क पर पटककर तोड़ दिया। साथ ही देख लेने की भी धमकी भी दी हैं।
गौरतलब है कि एमवीआई केके त्रिपाठी औरंगाबाद में अपनी तैनाती के वक्त से ही विवादास्पद रहे हैं और पूर्व में भी वाहन मालिकों द्वारा उन पर चालको के साथ मारपीट करने एवं अन्य तरह के मुकदमें दर्ज कराये जा चुके है। इतना ही नहीं एमवीआई पर मुफ्फसिल थाना में वाहन चेकिंग के दौरान एक ट्रक चालक को स्टेयरिंग से खींचकर वाहन से फेंकने पर विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक से कुचलकर मौत होने के मामले में हत्या की प्राथमिकी भी दर्ज है।






