: बीबीएन (बद्दी बरोतीवाला नालागढ़), जिला सोलन, हिमाचल प्रदेश : औद्योगिक नगरों के बसने पर वहां पर अनेक तरह के लोग कारोबार करने पहुंच जाते हैं। राजनीतिज्ञ जहां अपने पदों का दुरुपयोग करते हैं वहीं अधिकारी भी इन स्थानों पर आने के लिए लालायित रहते हैं। तो फिर पत्रकार बन्धुओं का कहना ही क्या जो कि हर किसी की टांग खीचने में लगे रहते हैं। वे भी इन क्षेत्रों में पत्रकारिता की दुकान खूब चलाते हैं। औद्योगिक नगरी बीबीएन में भी इस तरह की पत्रकारिता करने वालों की कमी नहीं है।
एक गैंग के रूप में संगठित पत्रकारों का समूह कब किसके लिए नाराज हो जाए और कब किसका बहिष्कार कर दे, इसका किसी को पता नहीं। सही पत्रकारिता करने वाले इन्सान को गलत ठहराने से परहेज नहीं किया जाता है। उद्योगपति इन पत्रकारों के लिए विशेष आयोजन करते हैं, त्योहारों व उत्सवों पर उनको तोहफे दिए जाते हैं जिनकी चमक उनकी कलम की स्याही को धूमिल कर देती है। इस प्रकार पेड न्यूज का कारोबार फलता-फूलता रहता है।
औद्योगिक नगरी बीबीएन में करीब 3000 उद्योग हैं जिनमें से कुछ बन्द भी हो गए हैं। यहां कोई मार्केटिंग एजेंसी काम नहीं कर रही है। यहां के पत्रकार ही इस क्षेत्र से अपने-अपने समाचार पत्रों के लिए करीब 10 लाख से 16 लाख तक का वार्षिक विज्ञापन देते हैं। अब इसे पेड न्यूज नहीं तो क्या कहेंगे। कोई यूं ही तो उनको इतने विज्ञापन नहीं दे जाएगा। कल के पत्रकार आज करोड़पति बन गए हैं।
सही पत्रकारिता करने वाले इन करोड़पति पत्रकारों को एक फूटी आंख नहीं सुहाते हैं। इसी क्षेत्र में कार्यरत एकमात्र महिला पत्रकार नयना वर्मा कुछ भ्रष्ट पत्रकारों की नज़रों में काफी समय से खटक रहीं हैं। नयना वर्मा हाल समय तक पंजाब केसरी के लिए समाचार संकलन का कार्य कर रहीं थीं। उनके विरोधी कई बार अपने सह व उप सम्पादको से मिल कर, समाचार कटवा कर कई अखबारों से उनको निकावाने की साजिशें रच चुके हैं। विभिन्न समारोहों में भी भेदभावपूर्ण रवैया झेलती महिला पत्रकार इस भ्रष्ट पत्रकारिता से जूझ रही हैं। उम्मीद है नया साल शायद कोई बदलाव लाए क्योंकि नयना वर्मा को इस क्षेत्र से निकलवाने के लिए भ्रष्ट पत्रकार-मण्डली की साजिशें लगातार जारी है, ताकि कोई भी इमानदारी से पत्रकारिता नही कर सके।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.






