खबर है कि भूपेंद्र नारायण सिंह भुप्पी की महुआ ग्रुप से विदाई हो गयी है। भुप्पी ने पिछले साल अप्रैल में महुआ ग्रुप में बतौर ऑपरेशन हेड ज्वाइन किया था। वे सीधे मालिक पीके तिवारी को रिपोर्ट कर रहे थे और ग्रुप के लायजनिंग के सभी काम देख रहे थे। इसकी ऐवज़ में उन्हें मोटी तनख्वाह भी मिल रही थी लेकिन इसके बावजूद वे तिवारी के जेल जाने और फ्रॉड संबंधित मामलों को निपटाने में कुछ खास नहीं कर पाए।
आजतक में कई राज्यों के ब्यूरोचीफ रह चुके भूपेंद्र नारायण सिंह भुप्पी और पीके तिवारी, दोनों एक ही गाजीपुर जिले के निवासी हैं और इनके बीच पहले से अच्छे संबंध रहे थे। बताया जाता है कि महुआ चैनल की शुरुआत के वक्त पीके तिवारी ने भुप्पी को ज्वाइन करने का ऑफर दिया था लेकिन तब भुप्पी ने टीवी टुडे जैसे बड़े ग्रुप में कार्य कर रहे होने के कारण ज्वाइन करने से मना कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक तब भुप्पी ने अंशुमान तिवारी को रिकमेंड किया और पीके तिवारी ने अंशुमान को नियुक्त भी कर दिया था। बाद में उन्हें भी हटा दिया गया। उधर भुप्पी पर हिमाचल के कद्दावर नेता प्रेम कुमार धूमल को ब्लैकमेल करने का आरोप लगा और कथित तौर पर उनके स्टिंग ऑपरेशन की सीडी भी अरुण पुरी के पास पहुंचा दी गयी।
कई विवादों के बीच आजतक से निकाले जाने के बाद कमर्शियल पायलट की डिग्री रखे भुप्पी ने हवाई जहाज भी उड़ाया, लेकिन जल्दी ही जमीन पर आना पड़ गया और नौकरी छूट गयी। बेरोजगार होने पर पीके तिवारी के हिलते-डुलते साम्राज्य को बचाने के लिए ऐसे लोगों की जरूरत थी जो शीर्ष स्तर पर दांवपेंच लगा सकें और कंपनी के हर कमजोर मोर्चे को मजबूत बना सकें। पंजाब के एक बड़े पुलिस अधिकारी के परिवार की पुत्री से शादी होने के कारण भुप्पी का कई प्रदेशों के शीर्ष लोगों से अच्छा खासा परिचय रहा है, लेकिन लगता है उनके तमाम दांव-पेच नाकारा साबित हुए।