आईएएस के साथ मुख्यमंत्री भी हैं भ्रष्टाचार के दोषी, सीबीआई जांच की मांग

प्रिय मित्र,
              हिंदी समाचार पत्र नवभारत टाइम्स के दिनांक 15-02-14 के लखनऊ संस्करण में पेज 7 पर 'अफसर तो पैसे लेकर भी काम नहीं करते' शीर्षक के अंतर्गत प्रकाशित समाचार के अनुसार आईएएस वीक में मुख्यमंत्री ने अफसरों के बीच एक किस्सा भी सुनाया। कहा कि "मैंने एक अफसर को किसी काम के लिए फोन करके कहा था। उस अफसर ने काम भी नहीं किया और पैसे भी ले लिए। बाद में जो काम कराने के लिए गए थे उन्होंने फिर शिकायत की तब अफसरों को निलंबित तो नहीं किया पर उसका ट्रांसफर कर दिया।"

 
मेरे अनुसार मुख्यमंत्री का यह कथन कथित भ्रष्टाचार में उनकी भी संलिप्तता की स्वीकारोक्ति है। भ्रष्टाचार की घटना संज्ञान में होने के बाबजूद अधिकारी के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने के स्थान पर अपना हिस्सा न मिलने पर मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारी का ट्रांसफर मात्र करना राजनेता-आईएएस गठजोड़ द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार की पुष्टि करता है। इस घटना में मुख्यमंत्री भी अधिकारी के साथ भ्रष्टाचार के अभियुक्त हैं। भ्रष्टाचार की घटना संज्ञान में होने के बाबजूद अधिकारी के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने के स्थान पर अपना हिस्सा न मिलने पर मुख्यमंत्री द्वारा अधिकारी का ट्रांसफर मात्र करना मुख्यमंत्री द्वारा पद का दुरुपयोग किये जाने का जीवंत उदहारण है। ज्ञातव्य है कि आईएएस की ट्रान्सफर- पोस्टिंग मुख्यमंत्री द्वारा ही की जाती है। दुर्गा शक्ति नागपाल मामले में अतिरिक्त तत्परता से कार्यवाही करने वाले सीएम का भ्रष्ट अधिकारी को संरक्षण देने का यह प्रकरण सीएम की सत्यनिष्ठा पर प्रश्नचिन्ह है।
 
मुख्यमंत्री
के वक्तव्य से स्पष्ट है कि वे भारत के संविधान के प्रति ली गयी शपथ का निर्वहन करने में भी समर्थ नहीं हैं। क्योंकि मामले में मुख्यमंत्री सीधे सीधे इन्वॉल्व हैं अतः मैंने कल ही सूबे के गवर्नर और देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मामले की सीबीआई जांच का अनुरोध किया है।
 
सूबे
के गवर्नर, देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मामले की सीबीआई जांच का अनुरोध करने सम्बन्धी पत्र निम्नानुसार है।
 
To,
    Sri B. L. Joshi
   Governor-Uttar Pradesh
   Uttar Pradesh Government,
   Lucknow-226001

Sub: Besides Involvement in Corruption, Blatant Misuse of Power by Uttar Pradesh CM Akhilesh Yadav; Request for a CBI enquiry in this matter of constitutional breakdown in U.P.
 
Sir,
      This refers to news report titled “ AFSAR TO PAISE LEKAR BHEE KAAM NAHEEN KARTE’ published on page  7 in today’s Navbharat Times Lucknow Edition.News can be accessed at http://epaper.navbharattimes.com/details/18844-9565-1.html
 
As
per the news report, In ongoing IAS Week, Chief Minister Sri Akhilesh Yadav is said to have narrated a true incident in which an IAS officer is said to have taken money to do some work even though CM has himself made a phone call to that IAS to get the work done. CM is said to have stated that the said IAS took the money but failed to do the required job for the person from whom the IAS took the bribe. CM is also said to have only transferred the said IAS.
 
Sir
, a perusal of this news makes it clear that CM Sri Akhilesh Yadav was himself involved in this act of corruption by the said IAS officer because even after committing the crime of corruption that was in the knowledge of the CM of the state, IAS was left with a transfer only and was not punished under AIS conduct rules and Indian Penal Code. This way CM Sri Akhilesh Yadav is a co-accused with the IAS in this case of corruption. Not only this, by leaving a corrupt IAS officer this way, UP CM has misused the Power given to him by the people of U.P. and has taken Law into his hands.
 
The
matter is of grave concern because CM has himself admitted this before media. Here comes a glimpse of corruption & misuse of power by CM-IAS combine and needs a CBI enquiry to unearth the real quantum of corruption looming in the power-corridors of Uttar Pradesh.

This is akin to constitutional breakdown in Uttar Pradesh. So, I am requesting you to recommend a CBI enquiry in this matter of corruption and blatant misuse of power involving IAS and C.M. of U.P.
 
News clip is attached.
 
Copy By e-mail to take appropriate action at their end to :

1- Sri Pranav Mukharjee,The President of India,New Delhi
    < presidentofindia@rb.nic.in>,
 
2- Dr. Manmohan Singh,The Prime Minister of India,New Delhi
   <pmosb@pmo.nic.in>,
 
Yours Truly
 
Urvashi Sharma
Social Activist
Secretary- Yaishwaryaj Seva Sansthaan
F-2286,Rajajipuram,Lucknow-226017
Mobile: 9369613513 e-mail: rtimahilamanchup@gmail.com

 

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