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चुनाव, दारू, रुपया, टीवी, झंडा औऱ……पत्रकार!

विशेष समाज के लोगों ने कवरेज के लिए पत्रकारों को बांटी थैली

रोहतक में एक समाज विशेष के लोगों ने कल होने वाले अपने कार्यक्रम के लिए पत्रकारों को थैली बांटी। पत्रकारों को थैली देने की सलाह एक प्रतिष्ठित अखबार के फोटोग्राफर ने दी। जिसकी सलाह पर पत्रकारों को फोन कर कार्यालयों के नीचे बुलाकर थैलियां वितरित की गई। ऐसा ही एक फोने मेरे पास आया तो मुझे मामले का पता चला। फोन करने वाले युवक ने कहा कि सर मैं आपके दफ्तर के नीचे आकर फोन करुंगा, प्लीज आप नीचे आ जाना। इस पर मैंने ऐसा करने की वजह पूछी तो सामने वाले ने कहा कि सर आप पूरी साल हमारी सेवा करते हैं, इसलिए हम कुछ सम्मान के रुप में एकांत में देंगे। इस पर मैंने साफ मना किया तो युवक ने फोन काट दिया।

विशेष समाज के लोगों ने कवरेज के लिए पत्रकारों को बांटी थैली

रोहतक में एक समाज विशेष के लोगों ने कल होने वाले अपने कार्यक्रम के लिए पत्रकारों को थैली बांटी। पत्रकारों को थैली देने की सलाह एक प्रतिष्ठित अखबार के फोटोग्राफर ने दी। जिसकी सलाह पर पत्रकारों को फोन कर कार्यालयों के नीचे बुलाकर थैलियां वितरित की गई। ऐसा ही एक फोने मेरे पास आया तो मुझे मामले का पता चला। फोन करने वाले युवक ने कहा कि सर मैं आपके दफ्तर के नीचे आकर फोन करुंगा, प्लीज आप नीचे आ जाना। इस पर मैंने ऐसा करने की वजह पूछी तो सामने वाले ने कहा कि सर आप पूरी साल हमारी सेवा करते हैं, इसलिए हम कुछ सम्मान के रुप में एकांत में देंगे। इस पर मैंने साफ मना किया तो युवक ने फोन काट दिया।

अब इस बात का तो मुझे नहीं पता कि उनके कार्यक्रम की कवरेज के लिए कितने पत्रकारों ने अपनी कलम के साथ सौदा किया है। लेकिन मैं यहां एक बात को स्पष्ट कर देता हूं कि इस समाज की कोई खबर में प्रकाशित करने से पहले जरुर सोचुंगा। वहीं अन्य साथियों से भी प्रार्थना है कि वे कलम का सौदा करने वाले लोगों को उनकी औकात बताएं। सुनने में तो यह आ रहा है कि जिस फोटोग्राफर की सलाह पर यह किया गया है, उसने खुद भी कई पत्रकारों के साथ फोन कर कार्यक्रम की कवरेज करने की रिक्वेस्ट की है। इसके बारे में भी मेरे पास कई पत्रकारों के फोन आए। इन सभी पत्रकार साथियों ने उक्त फोटो ग्राफर के नाम का खुलासा मेरे साथ हुई बातचीत में किया है।

संपादकों को रुपया, सिटी चीफ को टीवी

लोक सभा चुनाव में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए यूपी में एक पार्टी ने ख़जाना खोल दिया है। मीडिया पर जमकर पैसा खर्च किया जा रहा है। जां-जहां खास पेपर की यूनिट है वहां-वहां पर पेपर संपादक को एक-एक लाख रुपए और सिटी चीफ को 32 इंच का एलईडी टीवी दिया जा रहा है। सभी जगह ये ज़िम्मेदारी पार्टी के जिलाध्यक्ष को मिली है कि वो संपादक जी के घर जाए औऱ एक लाख देने के साथ ही कहे कि हमें आपका साथ चाहिए, वैसे चुनाव के बाद तीन साल हमारी सरकार रहेगी।

बरेली में तीन अखबारों के संपादकों को एक-एक लाख रुपया मिला। वहीं सिटी चीफ में दो को तो एलईडी टीवी मिल गया लेकिन एक सिटी चीफ का एएलईडी टीवी उनका खास चमचा ले उड़ा। चमचा उनके साथ पुराने संस्थान में भी था, पार्टी भी वो ही देख रहा हैं। पुराने संस्थान से वो पैसों के कारण ही हटा था। मामला पार्टी के सिटी प्रेसीडेंट ने खोल दिया। वैसे इस पार्टी ने यूपी हेड को पांच लाख के साथ ही हैलीकॉप्टर में दो दौरे कराने का लालच भी दिया है।

सहारा समय के रिपोर्टर उठाते है सपा का झंडा
 
पीलीभीत। यूं तो सहारा श्री सुब्रत राय पर ही समाजवादी पार्टी की मोहर लगी हुई है। मगर पार्टी की यदुवंशी नीति भी ऐसी जोरों पर है कि सहारा समय के एक रिपोर्टर जब बीते दिन अखिलेश यादव की सभा में रिर्पोटिंग के लिए पहुंचे वो अपने नेता को देखते ही पत्रकारिता भूल गये। भावावेश में वे, पूरी सभा में मुख्यमंत्री को खुश रखने के लिये उनके सामने बैठकर झंडा ही थामे रहे।

यही नहीं आपको बता दें कि महाशय बीते दो सालों से, जबसे समाजवादी पार्टी की सरकार बनी है तबसे ऐश कर रहे है। महाशय सिंचाई विभाग के बहुत बड़े ठेकेदार बन गये हैं। करोड़ों रूपए की ठेकेदारी कर रहे हैं। तो ऐसे में झंडा उठाना तो पड़ेगा ही। महाशय सपा की हर सभा में पार्टी वर्कर की हैसियत से ही काम करते है।

भड़ास को मिले पत्रों पर आधारित

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
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