Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

सुख-दुख...

न पाठक न पत्रकार, अखबार मालिक औऱ नौकरशाह करेंगे ‘पेड न्यूज’ की जांच

सोनभद्र। लोकसभा चुनाव-2014 के दौरान पेड न्यूज की मॉनिटरिंग के लिए सोनभद्र में पत्रकारों का टोटा हो गया है। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि यह सच्चाई जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से 'पेड न्यूज' की मॉनिटरिंग के लिए गठित 'मीडिया सर्टिफाइंग मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी)' के दस्तावेज बयां कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव-2014 के दौरान पेड न्यूज की निगरानी के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने गत 17 फरवरी को छह सदस्यीय एमसीएमसी का गठन किया था। इसमें पत्रकारिता एवं सामाजिक क्षेत्र से नामित होने वाले सदस्य के रूप में इलाहाबाद से प्रकाशित हिन्दी दैनिक समाचार-पत्र 'न्यायाधीश' के स्वत्वाधिकारी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक एवं संपादक डॉ. रघुवीर चंद्र जिंदल को शामिल किया गया है।

सोनभद्र। लोकसभा चुनाव-2014 के दौरान पेड न्यूज की मॉनिटरिंग के लिए सोनभद्र में पत्रकारों का टोटा हो गया है। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि यह सच्चाई जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से 'पेड न्यूज' की मॉनिटरिंग के लिए गठित 'मीडिया सर्टिफाइंग मॉनिटरिंग कमेटी (एमसीएमसी)' के दस्तावेज बयां कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव-2014 के दौरान पेड न्यूज की निगरानी के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने गत 17 फरवरी को छह सदस्यीय एमसीएमसी का गठन किया था। इसमें पत्रकारिता एवं सामाजिक क्षेत्र से नामित होने वाले सदस्य के रूप में इलाहाबाद से प्रकाशित हिन्दी दैनिक समाचार-पत्र 'न्यायाधीश' के स्वत्वाधिकारी स्वामी, मुद्रक, प्रकाशक एवं संपादक डॉ. रघुवीर चंद्र जिंदल को शामिल किया गया है।

भारतीय प्रेस परिषद के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए जिंदल को विधानसभा निर्वाचन-2012 में भी पेड न्यूज की निगरानी समिति का सदस्य नामित किया गया था। हालांकि उन्हें जनपद में प्रसारित होने वाले समाचार-पत्रों में एक भी पेड न्यूज नहीं मिला जबकि चुनाव के दौरान यहां के अधिकतर समाचारों में इसकी बानगी देखने को मिलती रही।

इतना ही नहीं, बात-बात में अधकचरी जानकारी के बल पर पत्रकारिता करने और पत्रकार होने का सर्टिफिकेट पकड़ाने वाले जिला सूचना एवं जन संपर्क विभाग के नुमाइंदों को भी राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त एक दर्जन से ज्यादा पत्रकारों में एक ऐसा नहीं मिला जो पेड न्यूज की मॉनिटरिंग कर सके। एमसीएमसी में अखबार मालिक के शामिल किए जाने से इस बात का अनुमान आसानी से लगाया जा सकता है कि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में किस तरह से आम नागरिक के विभिन्न संवैधानिक अधिकारों की हत्या की जा रही है जिसमें किसी न किसी रूप में नौकरशाही के भ्रष्ट नुमाइंदे शामिल हैं।

फिलहाल, जिंदल के अलावा जिले की एमसीएमसी में बतौर प्रभारी उप-जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम मनी लाल यादव समेत जिला मत्स्य विभाग के सहायक निदेशक अरविन्द मिश्र, ओबरा स्थित आकाशवाणी के कार्यक्रम अधिकारी, सहायक मनोरंजन कर अधिकारी राम जीत पांडेय और डूडा के पीओ सदस्य के रूप में शामिल हैं।

 

सोनभद्र से पत्रकार शिव दास की रिपोर्ट। संपर्कः #09910410365, [email protected]

Pahad Ki Dada: Hill Mail Uttarakhand
CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...