ईटीवी समूह को टीवी18 से मिलेगा लगभग दो हजार करोड़!

इक्वेटर ट्रेडिंग ने 31 मार्च, 2011 को समाप्त वित्त वर्ष के दौरान 42 लाख रुपये का घाटा दर्ज किया है। होल्डिंग कंपनी ने नियामक को यह जानकारी दी है। टीवी 18 ब्रॉडकास्ट ने इस होल्डिंग कंपनी को 1,925 करोड़ रुपये में खरीदने का प्रस्ताव रखा है। इक्वेटर ट्रेडिंग का अपना कोई कारोबार नहीं है और उसका मूल्यांकन उसकी होल्डिंग वाली ईटीवी समूह की तीन कंपनियों से तय होता है।

इक्वेटर के पास पैनोरामा टेलीविजन की 100 फीसदी, प्रिज्म टेलीविजन की 50 फीसदी और इनाडु टेलीविजन की 24.5 फीसदी हिस्सेदारी है। पैनोरामा का ईटीवी के हिंदी और उर्दू चैनलों, प्रिज्म का अन्य गैर तेलुगु क्षेत्रीय भाषी चैनलों, जबकि इनाडु का तेलुगु चैनलों पर नियंत्रण है। पैनोरमा टेलीविजन ने लगातार चार वित्त वर्षों में घाटा सहने के बाद 5.5 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित किया था। कंपनी ने वित्त वर्ष 2011 के दौरान सेवाओं की बिक्री से कुल 75 करोड़ रुपये की आमदनी अर्जित की। प्रसारण और वैयक्तिक खर्चों के मद में उसका कुल व्यय 53 करोड़ रुपये रहा। प्रिज्म टीवी और इनाडु टीवी जिनमें इक्वेटर की क्रमश: 50 फीसदी और 25 फीसदी हिस्सेदारी है, ने क्रमश: 34 करोड़ रुपये और 62 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था। ये आंकड़े शुक्रवार को नेटवर्क 18 और टीवी 18 द्वारा राइट इश्यू के लिए पेशकश दस्तावेज दाखिल करने के बाद सार्वजनिक किए गए हैं।

जनवरी में त्रिस्तरीय सौदे की घोषणा के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा बनाया गया स्वतंत्र मीडिया ट्रस्ट राइट इश्यू के लिए बोली लगाने के वास्ते नेटवर्क 18 और टीवी 18 के प्रवर्तकों को पूंजी उपलब्ध कराएगा। इसके माध्यम से ये कंपनियां ईटीवी का अधिग्रहण पूरा कर लेंगी। नेटवर्क 18 राइट इश्यू के माध्यम से जुटाए गए 2,700 करोड़ रुपये में से 1,384 करोड़ रुपये टीवी 18 ब्रॉडकास्ट के राइट इश्यू के लिए बोली लगाने में करेगी, जिससे टीवी 18 ब्रॉडकास्ट में उसकी हिस्सेदारी 50 फीसदी से ज्यादा हो जाएगी। बाकी 1,182 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज पुनर्भुगतान में किया जाएगा।

दूसरी तरफ, टीवी 18 ईटीवी का अधिग्रहण पूरा करने में 1,925 करोड़ रुपये का इस्तेमाल करेगी। कंपनी ने अपने पेशकश दस्तावेज में कहा कि उसके बहीखातों में दर्ज कर्ज के पुनर्भुगतान के लिए 421 करोड़ रुपये का इस्तेमाल किया जाएगा। विश्लेषकों ने वित्तीय जानकारियों के अभाव के चलते खरीदी जा रहीं कंपनियों के मूल्यांकन के प्रति अपनी चिंताएं जाहिर की थीं। कुछ विश्लेषकों ने कहा था कि ईटीवी की इकाइयों को मूल्यांकन को वाजिब ठहराने के लिए खासा मुनाफा अर्जित करना चाहिए।

इलारा सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने जनवरी में कहा था, '2,100 करोड़ रुपये के मूल्यांकन को सही ठहराने के लिए इनाडु के खरीदे गए कारोबार के एबिटा में 200 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की जरूरत है, अन्यथा इस सौदे का बाजार मूल्य के साथ तालमेल होना मुश्किल है। इनाडु की खरीदी गई संपदाओं की जानकारियों के अभाव में हम इस अधिग्रहण को वाजिब कहने या अनुमोदन नहीं करने में असमर्थ होंगे। हमने राइट इश्यू दस्तावेज दाखिल करते तक कंपनी के शेयर को समीक्षाधीन स्थिति में रखा है।' साभार : बीएस

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *