FB Yash (1) : दिल्ली में कोई मेरे जैसा खलिहर है!

Yashwant Singh : जब लोग नौकरी करते हैं तो मैं क्रिकेट खेलता हूं… वो भी भरीपूरी दिल्ली में…. लगता ही नहीं कि मैं लायक आदमी हूं… कभी कभी खुद पर गर्व होता है कि, नौकर नहीं हूं किसी का… कभी कभी बोर होता हूं कि सारे मित्र नौकर हैं तो टाइमपास किसके साथ करूं…. सर्किल अपग्रेड नहीं कर सका क्योंकि गली के गरीबों के साथ दोस्ती गांठने और उनके सुख दुख में जीने में आजभी भरपूर मजा आता है. तो, ऐसे में अब दिल्ली में कुछ ऐसे दोस्त तलाश रहा हूं जिनसे दिन में गपियाया जा सके, क्रिकेट खेला जा सके… फिल्म देखा जा सके…. कोई मेरी तरह खलिहर हो तो बताए.

Pradeep Yadav sab k bibi bacche hai aap shadi shuda sand hain
 
Pradeep Yadav inext k daur me bi aap mast rahte the kanpur ka shayad hi koi kutta ho jis per aapne inext ke indica na chadai ho
 
Pradeep Yadav mera matlab hai ki sab 10 se 8 wale hain kranti se sab ki fattee hai. bibi bachcbe jo palne hain…
 
बी.पी. गौतम ईश्वर ने इसी तरह साथ दिया तो यह इच्छा मैं ही पूरी करूंगा, बहुत जल्द
 
प्रमोद रिसालिया hum delhi aa gaye hai khali hai.
 
Pradeep Parihar Pradu यशवंत जी आपकी बात ही अलग हैं ..
 
Yashwant Singh प्रदीप यादव जी, शुक्रिया. गौतम दी, स्वागत है आपका. इंतजार कर रहा हूं. प्रमोद जी बिलकुल खाली हूं. कभी भी रिंग करके आ जाइए. मेरा नंबर 9999330099 है.
 
Vivek Sharma same here:)
 
Pradeep Yadav ok boss meet u soon
 
Radhe Shyam Yashwant bhai JNU ke dino me humlogon ne ek khalihar group banaya tha. Us gang ke log aaj bhi Dilli me maujood hain. Kahiye to kabhi milwa doon. 🙂
 
Ashutosh Bhardwaj khelne ke shoken to hum be hi
 
Ashok Das आश्रम की ओर जाने का वक्त आ गया है भैया यशवंत मनमौजी.
 
Syed Mazhar Husain hun bhi kabhi khalihar the
 
Yashwant Singh राधे श्याम जी, नेकी और पूछ पूछ. बिलकुल मिलवाइए. अशोक भाई, मुझे भी दिल से लगता है कि…..चल खुसरो घर आपने रैन भई चहुंदेस. बाकी सभी साथियों का आभार और स्वागत.
 
Shafaque Alam · Friends with Afroz Alam Sahil
यशवंत जी…. आप क्रिकेट खेल रहे हैं या आम के पेड़ से टिकोला तोड़ रहे हैं?
 
Jitendra Verma इससे अच्छी लाइफ क्या हो सकती है मीडिया पर राज करके मौज कर रहे है
 
Nitesh Mishra dil bahlaane k liye liye Gaalibe khayal hi kaafi hai…
 
Arun Raghav आप अपने कई ऐसे भाईयों की सहायता कर रहे हैं, जो नौकर है। इसके लिए जरूरी है खेलकर मस्तिष्क स्वस्थ रखे। खैर आपका योगदान पत्रकार जगत के लिए अतुलनीय है।
 
प्रमोद रिसालिया patarkaro ki patarkarita karna koi yashvant bhai se samjhe….
 
Nitesh Mishra pramod ji mujhe nahi lagta ki koi badaa teer maar diya bhaiya ji ne…
 
Nitesh Mishra bas ek patrakaar ke haath story idea lagne jaisa hai…
 
Nitesh Mishra so lag gayi…
 
Nitesh Mishra tel ki jagah badhiya baate kahiye to maza aaye…
 
Nitesh Mishra tel ka matlab jaante hain na media jagat me…
 
Nitesh Mishra jitna lagaiye utna hi khud ko kasht aur uparwaale ko maza aata hai…
 
Ravish Shukla hahah maze kar rahe hain yaswant bhai aap….delhi me muskil hai choote sahar me kai khalihar apko mil sakte hai…jo ek chai par kavita aur kahani ka ambaar apke liye laga sakte hai…
 
Payal Chakravarty mere rehte aap dost dhund rahe hai sir…galat baat:(
 
Chandrashekhar Hada कहाँ भूसे में सुई तलाश रहे हैं यशवंत जी….. दोस्त तो अब कोई नहीं मिलेगा. क्योंकि दोस्त सिर्फ बचपन में ही मिलते हैं, बनते हैं…..
 
Payal Chakravarty jee nahi..dosti ke liye umar nahi dil milne cahiye..
 
Sanjay Sharma Main bahi aa jata hu.
 
Vikash Mishra यशवंत भाई , "जो सबका सिरहाना है वो अपना पैताना है "……..हम तो मस्त फकीर यहाँ…….
 
Prashant Pathak फेसबुक है ना ………..बिंदास झकास ……………..कबूतरबाज से लेकर एयर होस्टेज सब एक ही जगह पर
 
Vivek Vajpayee वैसे क्रिकेट के लिए तो आप बच्चों को पकड़िए वो भी जब वो स्कूल से वापस आ जाएं….और गपियाने के लिए जो फेमस हैं उनसे काम चलाएं…………….
 
Ramesh Kumar nice sir
 
Shravan Kumar Shukla मै हूं न…
 
Sanjeev Chauhan गुरु गलत सोचते हो। तुम सबसे ज्यादा अनुभवी और भाग्यशाली हो। बनिये की नौकरी करके उसकी औकात भी भांप ली, और अपना धंधा चला कर ये भी तय कर लिया कि बनिये से खुद ज्यादा मजबूत साबित हुए। बोर तो बनिये होते हैं, तुम्हारी उद्दंडई और स्वच्छंद ज़िंदगी देखकर।
 
Ashutosh Shukla lucky hain yashwant ji aap..delhi me bhi aap itna samay nikal lete hain..
 
Sarang Upadhyay रास्‍ता आपने अलग खोजा है, उसके लिए सैल्‍युट, और किसी की गुलामी नहीं करते इसके लिए आप भाग्‍यशाली हैं.. .. जिंदगी एक ही बार मिली है.. यहां तो खबर के चक्‍कर में खुद ही खबर बन रहे हैं..
 
Sumant Bhattacharya आवा गुल्ली डंडा खेला जाए..और कंचा में गुरु जितबा ना हमसे
 
Akhilesh Kumar Swatantra hawaon ke garm ahsas bhi khusi de jati hai, jabki vatanukilit kamro me bhi mukhaute lagaye logo ke beech dam ghutata hai. aap bahut khusnaseeb hain.
 
Sumant Bhattacharya अमा ये बॉलिंग कर रहे हो कि किसी धरना प्रदर्शन के दौरान अद्धा बहा रहे हो…पोजीशन ठीक करो..इसीलिए तुम्हारे साथ कोई खेलने को तैयार नहीं होता….
 
Vinod Bharti स्वतंत्रता अच्छी बात है, पर अधिक और जरूरत से अधिक स्वतंत्रता मिल जाए तो आदमी के आवारा होने का डर रहता है। सो यू थिंक…
 
Dayanand Pandey haha
 
Vikash Mishra यशवंत भाई , "जो सबका सिरहाना है वो अपना पैताना है "……..हम तो मस्त फकीर यहाँ……..

यशवंत के फेसबुक वॉल से.

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