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Fraud Nirmal Baba (69) : निर्मल बाबा ने मीडिया को गरियाया… संपादक लोग इसे ध्यान से देखें-सुनें

निर्मल बाबा ने आखिरकार मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल ही दी. उन्होंने कहा कि उनके समागम के कार्यक्रम के कारण मीडिया की टीआरपी बहुत ज्यादा बढ़ गई थी और चैनलों में आपस में होड़ लग गई थी उन्हें दिखाने की…. बाबा ने खुलकर सब कुछ कहा. इसे ध्यान से सुनना चाहिए अपने टीवी संपादकों को. बाबा मीडिया के प्रति बिलकुल उदार नहीं है. वह मीडिया की दुकानदारी की पोल खोल रहा है. ऐसे में मीडिया वालों को चाहिए कि वे बाबा को पूरी तरह नेस्तनाबूत कर दें. कुछ बड़े चैनल बाबा के प्रति उदार रवैया अपनाए हुए हैं. ऐसी चर्चाएं लोगों ने फेसबुक पर की हैं और कर रहे हैं.

निर्मल बाबा ने आखिरकार मीडिया पर अपनी भड़ास निकाल ही दी. उन्होंने कहा कि उनके समागम के कार्यक्रम के कारण मीडिया की टीआरपी बहुत ज्यादा बढ़ गई थी और चैनलों में आपस में होड़ लग गई थी उन्हें दिखाने की…. बाबा ने खुलकर सब कुछ कहा. इसे ध्यान से सुनना चाहिए अपने टीवी संपादकों को. बाबा मीडिया के प्रति बिलकुल उदार नहीं है. वह मीडिया की दुकानदारी की पोल खोल रहा है. ऐसे में मीडिया वालों को चाहिए कि वे बाबा को पूरी तरह नेस्तनाबूत कर दें. कुछ बड़े चैनल बाबा के प्रति उदार रवैया अपनाए हुए हैं. ऐसी चर्चाएं लोगों ने फेसबुक पर की हैं और कर रहे हैं.

इस स्थिति में बाबा को मौका मिल जाएगा अपनी दुकान जमाए रखने का. न्यूज एक्सप्रेस चैनल ने बाबा की मीडिया पर भड़ास को अपने यहां प्रसारित किया. इस चैनल ने इसलिए यह किया क्योंकि उसने कभी समागम का कार्यक्रम अपने यहां प्रसारित नहीं किया. और, न्यूज चैनलों में सबसे पहले न्यूज एक्सप्रेस ने ही बाबा के खिलाफ अभियान की शुरुआत की. नीचे उस समाचार का लिंक है जिसे न्यूज एक्सप्रेस ने अपने यहां प्रसारित किया. इसमें बाबा की मीडिया पर भड़ास है… क्लिक करें और बाबा के प्रवचन को सुनें…

समागम में मीडिया पर भड़ास

फेसबुक पर पुष्कर पुष्प लिखते हैं- ''निर्मल बाबा को लेकर आजतक जिस तरह से अभी ख़बरें दिखा रहा है , उसे देखकर लगता है कि निर्मल बाबा के इमेज को ठीक करने का ठेका आजतक को मिल गया है. यकीं मानिए चैनलों का अंधविश्वास और पाखंड मिटाने का कोई ईरादा नहीं है. सबके अपने – अपने एजेंडे हैं जिसके हिसाब से सारा खेल चल रहा है. ताज्जुब देखिये निर्मल बाबा पाखंडी हैं या नहीं इसपर चर्चा करने के लिए दूसरे बाबाओं को ही न्यूज़ स्टूडियो में बुलाया गया.''


(सुनें)

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