Fraud Nirmal Baba (75) : हमलों से परेशान बाबा एकाउंट खाली करने में जुटे, ट्रस्‍ट खाता भी खोला

: 15 दिनों में खातों से हुए कई बड़े ट्रांसफर : श्रद्धालुओं पर कृपा बरसाने के नाम पर कुछ वर्षों में ही अरबों का साम्राज्य खड़ा करने वाले निर्मल बाबा की नींव अब दरकने लगी है। चौतरफा हमलों से परशान होकर निर्मल बाबा ने जहां एक ओर फेसबुक और बेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालुओं को विश्वास बनाए रखने की अपील की है। वहीं निर्मल बाबा गुपचुप तरीके से अपने सभी खातों को खाली करने में लग गए हैं। पिछले १५ दिनों के दौरान निर्मल बाबा ने अपने कई बैंक खातों में कई बड़े लेनदेन किए हैं। सूत्रों की मानें तो वे अपने सभी खातों को धीरे-धीरे खाली कर रहे हैं।

निर्मल बाबा उर्फ निर्मलजीत सिंह नरुला भक्तों से कृपा के नाम पर दो तरह से पैसे वसूलते हैं। पहला तो समागम में हिस्सा लेने की फीस २ हजार रुपए प्रति व्यक्ति है। जबकि दूसरा दसवंद फीस है। दसवंद फीस में उनके भक्त अपनी कमाई का दसवां हिस्सा भगवान के नाम पर उनके बैंक खातों में जमा करवाते हैं। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक निर्मल बाबा के आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और एस बैंक में खाते हैं। जानकारी के मुताबिक एस बैंक में उनके कुल तीन खाते हैं। दो करंट अकाउंट हैं। पहला खाता निर्मल दरबार के नाम से है। जिसका नंबर ०२३५८४१००००००३२ है। इस खाते में पिछले माह जहां करीब ४ करोड़ का बैलेंस मौजूद था। वहीं अब इस खाते में महज ६३ लाख रुपए का बैलेंस बचा है। महज पिछले १० दिनों के अंदर इस खाते से दो और ढाई करोड़ के दो बड़े ट्रांसफर हुए हैं। जिनको किसी अन्य व्यक्ति के खाते में हस्तांतरित कर दिया गया है।

इसके अलावा दूसरा खाता निर्मल दरबार एक्सपेंस खाते के नाम है। जिसका नंबर ०२३५८४१००००००८१ है। इस खाते में भी पिछले माह करीब ५ करोड़ रुपए थे। जो अब घटकर महज १८ लाख बचे हैं। जिससे साफ है कि इन खातों को धीरे-धीरे खाली किया जा रहा है। इसके अलावा इन खातों में जहां पहले पटना, दिल्ली, गुडग़ांव, अंबाला, चंडीगढ़, लखनऊ सहित कई जगहों से समागम में हिस्सा लेने और दसवंध के लिए पैसे जमा होते थे। अब इन खातों में पिछले १५ दिनों से पहले के मुकाबले कम पैसा जमा कराया जा रहा है। इन दोनों खातों के सोल प्रोपराइटर यानी खाताधारक निर्मलजीत सिंह नरुला उर्फ निर्मल बाबा हैं। निर्मल बाबा स्‍वयं के बजाय सारा पैसा ट्रस्ट के नाम पर दिखाने की तैयारी में हैं। इसके लिए निर्मल बाबा ने ७ अप्रैल को एस बैंक की लुधियाना शाखा में एक बचत खाता खुलवाया है। इस खाते को निर्मल दरबार उमा एसएचजी के नाम से खोला गया है। यह एक ट्रस्ट खाता है। ऐसे खातों को जीरो बैलेंस पर मेंटेन किया जाता है। फिलहाल इस खाते में जीरो बैलेंस है।

खातों की कलई खुलने से साफ है कि निर्मल बाबा अब धीरे-धीरे अपना बोरिया-बिस्तर या तो समेटने की तैयारी में हैं या निर्मल दरबार के पूरे कारोबार को ट्रस्ट का लिबास पहनाकर जनहित की चादर के जरिए बचाने की फिराक में हैं। इसके अलावा निर्मल बाबा ने अपने फेसबुक अकाउंट और बेबसाइट पर कई बार श्रद्धालुओं से अपील की है कि उनके खिलाफ कुछ लोग साजिश कर रहे हैं। इसलिए इन पर ध्यान न दें।

लेखक दुर्गेश त्रिपाठी पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं.  


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