Fraud Nirmal Baba (83) : अस्सी फीसदी लोग मानते हैं कि कृपा के बहाने लूट रहा है बबवा (न्यूज एक्सप्रेस – सी वोटर सर्वे)

पिछले एक पखवाड़े से पूरा हिंदुस्तान अंधविश्वास पर हाल के समय की सबसे बड़ी बहस कर रहा है… ये बहस भले ही इंटरनेट और न्यूज़ एक्सप्रेस की बदौलत शुरु हुई हो, मगर अब ये तमाम न्यूज़ चैनलों और अख़बारों से होती हुई गाँव-गाँव, शहर-शहर फैल चुकी है… इस बहस के केंद्र में है निर्मल जीत सिंह नरूला उर्फ निर्मल बाबा, जो दावा करता है कि उसके पास सिद्धियां हैं, शक्तियां हैं और उनके बल पर वो किसी भी समस्या को दूर कर सकता है।

यही नहीं इस कृपा के बदले वो भोले-भाले लोगों से मोटी धनराशि ऐंठकर अपनी तिजोड़ियाँ भर रहा है। लेकिन अब पोल खुल चुकी है… सच सामने आ चुका है। सवाल उठता है कि क्या लोगों की आँखें भी खुल रही हैं…क्या अब उन्हें निर्मल बाबा का सच नज़र आने लगा है। यही सब जानने के लिए न्यूज़ एक्सप्रेस ने जनमत सर्वेक्षण करवाया है… देश के दस सबसे बड़े और मझोले शहरों में करवाए गए इस जनमत सर्वेक्षण को न्यूज़ एक्सप्रेस के लिया किया है टीम सी-वोटर ने… सर्वे के नतीजे  इस प्रकार है…

1-क्या आप निर्मल बाबा को जानते/सुनते हैं?

90%- हाँ

10%- नहीं

2- क्या आपने किसी चैनल पर ‘निर्मल दरबार’ देखा है?

48%- देखता हूँ, भरोसा नहीं

23%- देखता हूँ, भरोसा भी

15%- न देखता हूँ, न भरोसा है

14%- कभी नहीं देखा

3- क्या मीडिया में निर्मल  बाबा पर उठ रहे सवालों का आपके भरोस पर असर पड़ा?

62%- कभी भरोसा नहीं

25%- भरोसा है अटल

13%- टूट गया भरोसा

4- निर्मल की कृपा के चमत्कार पर लोगों की राय

80%- ‘कृपा’ के बहाने लूट

20%- ‘कृपा’ से दुख दूर

5- क्या ‘निर्मल बाबा’ के दावे के मुताबिक टीवी पर कार्यक्रम देखने से कृपा हुई?

27%- हाँ

73%- नहीं

6- क्या चैनलों को निर्मल बाबा का प्रोग्राम दिखाना चाहिए?

32%- हां

68%- नहीं

7- क्या ‘निर्मल दरबार’ पर निशाना और उनका विज्ञापन दिखाना मीडिया का दोहरा चरित्र है?

79%- हाँ

21%- नहीं

8- क्या निर्मल बाबा के प्रोग्राम को टीआरपी लिस्ट से बाहर किया जाए?

67%- हाँ

33%- नहीं

9- क्या सरकार को ‘निर्मल दरबार’ पर रोक लगानी चाहिए?

71%- हाँ

29%- नहीं

10- क्या ‘निर्मल बाबा’ लोगों की ज़िंदगी और भावनाओं से जुड़ी असुरक्षा और भय से कारोबार करते हैं?

60%- हाँ

40%- नहीं

11- क्या कोई चमत्कार या  स्वयंभू बाबा आपकी निजी  समस्याओं को हल कर सकते  हैं?

15%- हाँ

85%- नहीं

निर्मल बाबा पर किए गए न्यूज़ एक्सप्रेस-सी वोटर के सर्वे से जो तस्वीर साफ-तौर पर निकलकर सामने आती है, उससे स्पष्ट है कि देश की जनता का जनाधार अंधविश्वास के खिलाफ है… साथ ही वो इस तरह के कार्यक्रमों पर रोक लगाने की मांग भी करते हैं, ऐसे में कुछ लोग जो अभी भी अंधविश्वास पर विश्वास करते हैं, अब जरुरत इस बात की है, लोग इस अंधे कारोबार के सच को जाने और खुद ही फैसला करें, कि पर्दे के पीछे की सच्चाई क्या है…।


For the last fortnight, the whole of India continuing the great debate in superstition in recent times … The debate has even started, thanks to the Internet and News Express, but now the debate has spread from village to city onwards  … for this time the ‘Nirmal’ baba is on the floor of the Media, News Express forbade people  to believe the kind of cheeter babas … We showed reality of ‘the third eye of baba’ …  Express News poll with C voter surveyed around the country against the kinds of myths … Country's ten most large and medium cities have taken in this poll,  We got the reality & Fake Baba is being exposed …   Survey results are as follows …

1 – Do you know about Nirmal Baba / have you heard of him?
90% – Yes
10% – no
 
2 – have you seen nirmal darbar on any TV channel?
48% – see, dont trust
23% – see, trust
15% – nither do I see nor I rust
14% – never seen
 
3 – Media was flooded with news regarding nirmal baba … how have these stories affected you ? 62% – never be trusted
25% – the irrevocable trust
13% – broken trust

4- on one hand electronic media is targeting nirmal baba for spreading superstitions among people and on the other hand it is using his programme as advertisement … does it reflect the dual character of media ?
79% yes
21% no

5-  do you watch the kind of programmes on tv for any such benefits ?
27% – Yes
73% – not
 
6- do you think that the kind of programmes should be telecasted on  tv channels … ?
32% – Yes
68% – not
 
7- do you think that the kind of programmes should b removed from the TRP list ?
67% – Yes
33% – not
 
8- do you think that the ministry of information & broadcasting should completely banned programme like 'Nirmal Darbar" ?
71% – Yes
29% – not
 
9- do you think that people like Nirmal Baba " exploit the common men’s personal problems based on life and emotions like fear & insecurity ?  
60% – Yes
40% – not
 
10- do you think to solve your personal problems of life you need the help of miraculous and self claimed people like nirmal baba ?
15% – Yes
85% – not
 
it is clear that the mass of the people against superstition … on the News Express-C Voter survey Nirmal Baba reviels … What is the truth behind the scenes … We continue follows …

प्रेस रिलीज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *