असम के बहाने सोशल मीडिया पर लगाम कसेगा केंद्र

केंद्र सरकार ने हाल में हुए इंटरनेट और सोशल मीडिया के दुरुपयोग को गंभीरता से लेते हुए एक त्रिआयामी रणनीति तैयार की है। इसमें एक साइबर सर्विलांस एजेंसी की स्थापना भी शामिल है जो ऐसी परिस्थितियों के बारे में पहले से ही सचेत करेगी। 

 
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) शिवशंकर मेनन की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में अफवाहों को रोकने के लिए टेलीकॉम ऑपरेटरों के लिए दिशा निर्देश तैयार करने का निर्णय लिया गया। हाल ही में असम में फैली सांप्रदायिक हिंसा के चलते देश के महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में इंटरनेट और सोशल मीडिया के जरिए अफवाह फैलाई गई थीं।
 
इस बैठक में गृह मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय, खुफिया एजेंसियों और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए थे। इसमें इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक सामग्रियों को प्रतिबंधित करने को लेकर सरकार के कदम की वैधता, असर पर भी विचार किया गया। भविष्य में अफवाहों से निपटने के लिए समय रहते मुस्तैदी और बेहतर तरीके से कदम उठाने की जरूरत महसूस की गई। 
 
बैठक में प्रभावी निगरानी तंत्र के साथ ही तकनीकी रूप से सक्षम साइबर निगरानी और सर्विलांस एजेंसी की बात कही गई है, जो कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर समय रहते सरकार को सचेत करेगी। बैठक में एक कानूनी व्यवस्था तैयार करने का फैसला किया गया है जो कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम में मौजूदा खामियों को भी पाटने का काम करेगी। (अमर उजाला)

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