टीवी18 में ‘नरसंहार’ के खिलाफ खुलकर सामने आया पत्रकार संगठन IFWJ

यशवंत जी नमस्कार, टीवी 18 समूह के पत्रकार एवं पत्रकारिता विरोधी कृत्यों के प्रतिकार के लिए के. विक्रम राव की अध्यक्षता वाली पत्रकार यूनियन इंडियन फेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट खुल कर सामने आ गई है. वक्त से पहले और किस्मत से ज्यादा का वादा करने वाले इस समूह की कारगुजारियों से एक बात तो साफ़ हो गई है की कार्पोरेट के झांसे में आकर जब जब पत्रकारिता कारर्पोरेट की गोद में जा कर बैठी है तब तब पत्रकारिता को कारपोरेट ने अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए प्रयोग कर पत्रकारों को भूखा नंगा होने पर मजबूर किया है.. मुझे गर्व है सुदर्शन समूह पर जिसने तमाम परेशानियों के बाद भी कभी कॉरपोरेट के सामने घुटने नही टेके हैं..

एक और बात जो महत्वपूर्ण है वो ये कि छाती चौड़ी कर पत्रकारों की राजनीति करने वाले समय नज़र नही आ रहे जब पत्रकार छाती पीट -2 कर अपने और अपने परिवार के भविष्य के लिए रो रहे है. सत्य ही कहा गया है "धीरज, धर्म, मित्र और नारी- आपत्काल परखिये चारी".  के विक्रम राव और यशवंत सिंह ने ऐसे कठिन समय में पत्रकारों के साथ खड़े हो कर उनके आंसू पोछने का काम किया है जब बड़े बड़े दिग्गज अपनी पूँछ बचाने के लिए मूंछ छुपा कर बिलों में दुबक गये हैं. नीचे IFWJ की प्रेस रिलीज अटैच कर रहा हूं.

क्रान्ति किशोर मिश्र
सुदर्शन न्यूज़
लखनऊ


IFWJ condemns illegal retrenchment  of media persons from TV18

New Delhi,17 August.

Indian Federation of Working Journalist (IFWJ) has strongly condemned the reported move of TV 18 to lay off hundreds of media persons in the name of restructuring. It has called upon the Government of India and the appropriate State Government to immediately intervene in the matter to save the jobs of media persons, who are to be retrenched.

In a statement the IFWJ has demanded that the media houses running electronic channels must be given the protective cover of the Working Journalists Act and the Industrial Disputes Act so as to maintain the sanctity of the freedom of speech and expression as enshrined in the Constitution of India. This act of the TV 18 managements is not only unethical and anti -working class but also highly unwarranted as the company is posting profits in its returns.

While extending its moral, legal and physical support to all the affected employees it has warned the management of TV18 to desist from indulging into such illegal acts as it would recoil on them and  also rob the peace and harmony of the media industry.

Parmanand Pandey

Secy Gen.

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