हरियाणा के भगाणा गांव की गैंग रेप पीड़ित लड़कियों के समर्थन में उतरे जेएनयू के छात्र

नई दिल्‍ली, 18 अप्रैल: हरियाणा के हिसार जिले के भगाणा गांव की गैंग रेप की शिकार चार नाबालिग लड़कियां अपने सैकड़ों परिजनों के साथ पिछले दो दिनों से जंतर-मंतर पर धरने पर बैठी हैं। इनकी मांग है कि कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी व भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्‍याशी नरेंद्र मोदी इनके गांव का दौरा करें तथा हरियाणा में दलितों-पिछड़ी महिलाओं के साथ निरंतर हो रही बलात्‍कार की घटनाओं से निजात दिलाएं।

गौरतलब है कि भगाना गांव में दबंग जाट बिरादरी ने खाप पंचायत के संरक्षण में पिछले दो वर्षों से दलित-पिछड़ी जातियों का बहिष्‍कार कर रखा है। न्‍यायपालिका, मानवाधिकार आयोग और अनुचित जाति आयोग के निर्देश के बाबजूद वे बहिष्‍कार खत्‍म करने को तैयार नहीं है जिस कारण गांव के अधिकांश दलित-पिछड़े पुरूष और महिलाएं पिछले दो वर्षों से हिसार स्थित जिला मुख्‍यालय परिसर में रहने को मजबूर हैं।

आठवीं व नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली गैंग-रेप का शिकार हुई ये लड़कियां उन परिवारों की हैं, जिन्‍होंने जाटों द्वारा किये गये सामाजिक बहिष्‍कार के बावजूद गांव छोड़ने से इंकार कर दिया था। धरने का नेतृत्‍व कर रहे सर्व समाज संघर्ष समिति के अध्‍यक्ष वेदपाल सिंह तंवर ने बताया कि गत 23 मार्च, 2014 को रात आठ बजे इन चार लड़कियों को गांव के दबंग समुदाय के लोगों ने कार से में उठा लिया तथा लगातार दो दिनों एक दर्जन से अधिक लोग इनके साथ गैंग रेप करते रहे। काफी जद्दोजहद के बाद 25 मार्च को मामले की एफआईआर दर्ज हो सकी और भारी विरोध के कारण पुलिस ने इनमें 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। लेकिन राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण के कारण अन्‍य आरोपी अभी भी खुले घूम रहे हैं।

तंवर ने कहा कि यह सिर्फ एक गांव का मामला नहीं है। हरियाणा में दलित-पिछड़ी महिलाओं के साथ लगातार गैंग-रेप और अन्‍य प्रकार के उत्‍पीड़न की घटनाएं हो रही हैं। वहां हमारी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। जाट बिरादरी की संख्‍याबल, बाहुबल तथा धनबल के कारण कोई भी राजनीतिक पार्टी स्‍थानीय स्‍तर पर हमारी सुध नहीं लेती। प्रशासन पूरी तरह इसी दबंग बिरादरी के कब्‍जे में है। उन्‍होंने रेप के आरोपियों को फांसी देने तथा पीड़ित लड़कियों को 15-15 लाख रूपये मुआवजा देने की मांग की। तंवर ने कहा कि चुंकि पहले से ही सामाजिक बहिष्‍कार झेल रहे भगाणा गांव के दलित परिवारों की ये गैंग-पीड़ित लड़कियां अब अपने गांव भी नहीं लौट सकतीं, इसलिए सरकार इनके निकटवर्ती शहर में पुनर्वास की व्‍यवस्‍था करे व उच्‍च शिक्षा का खर्च वहन करे व बालिग होने पर सरकारी नौकरी दिये जाने का आश्‍वासन दे। (संपर्क: वेदपाल तंवर #09813200043, जगदीश काजला #09812034593)

रेप पीड़ित लडकियों के समर्थन में उतरे जेएनयू के छात्र

नई दिल्‍ली, 18 अप्रैल। जेएनयू के छात्रों ने हरियाणा की गैंग-रेप की शिकार लड़कियों को न्‍याय दिलाने के लिए आंदोलन चलाने की घोषणा की है। ऑल इंडिया बैकवर्ड स्‍टूडेंट्स फोरम, जेएनयू के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जितेंद्र यादव ने कहा कि जेएनयू के छात्र भगाना गांव का दौरा करेंगे तथा दिल्‍ली में इन्‍हें न्‍याय दिलाने के लिए प्रदर्शन आयोजित करेंगे। उन्‍हेांने बताया कि 19 अप्रैल, 2014 (शनिवार) को रेप पीडित लडकियों व उनके परिजनों के साथ जेएनयू कैंपस में एक सभा का अयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर अनेक प्रोफेसर, सामाजिक कार्यकर्ता व अन्‍य बुद्धिजीवी भी मौजूद रहेंगे। (संपर्क: जितेंद्र यादव #9968124622)

हरियाणा में महिला उत्‍पीड़न और जाति का सवाल

भारत जैसे देश में कोई भी समस्‍या एक रेखीय नहीं है। महिलाओं के उत्‍पीड़न और विशेषकर बलात्‍कार के मामले में भी यही तथ्‍य सामने आता है। सबसे अधिक वंचित तबकों की महिलाओं को बलात्‍कार का शिकार होना पड़ता है। भारत के गांवों में बलात्‍कार सिर्फ पुरूष की शारीरिक हवस का मामला नहीं है, उससे  कहीं अधिक यह सामंती वर्चस्‍व को बरकार रखने का माध्‍यम है। अनेक मामलों में तो किसी विशेष समुदाय को नीचा दिखाने के लिए सामंती जातियों के पुरूष सुनियोजित रूप से बलात्‍कार को अंजाम देते हैं।
 
हरियाणा में खाप पंचायतों के संरक्षण में दलित-पिछड़ी महिलाओं के साथ निरंतर हो रही गैंग-रेप की घटनाएं इसका ज्‍वलंत उदाहरण हैं। पिछले दिनों हरियाणा के भगणा गांव (जिला-हिसार) की दलित परिवार की चार लड़कियों को दबंग लोगों ने उठा लिया और उनके साथ तीन दिनों तक 10-10, 12-12 लोग  गैंग-रेप करते रहे। यह वही भगणा गांव है, जहां की दबंग जाति ने पिछले दो वर्षों से दलित-पिछडों का सामाजिक बहिष्‍कार कर रखा है। दबंगों की ताकत का अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि न्‍यायपालिका, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जाति आयोग आदि के हस्‍तक्षेप के बावजूद वे इस सामाजिक बहिष्‍कार को खत्‍म करने को तैयार नहीं हैं।

खाप पंचायतों के भय से वहां न उनकी बात पुलिस सुनती है, न राजनेता। बलात्‍कार पीड़ित ये लड़कियां अपने सैकड़ों परिजनों के साथ पिछले दो दिनों से दिल्‍ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठी हैं। यहां भी उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। न्‍याय की इस लड़ाई में इनके परिजनों को जेएनयू से साथ देने की उम्‍मीद कर रहे हैं।

ऑल इंडिया बैकवर्ड स्‍टूडेंटस फोरम जेएनयू के सभी छात्र-छात्राओं से जंतर मंतर पहुंचकर इनका साथ देने की अपील करता है। फोरम ने धरने पर बैठी महिलाओं व पुरूषों को कैंपस में भी आमंत्रित किया है। कार्यक्रम का स्‍थान व समय निम्‍नांकित है।

हरियाणा में महिला उत्‍पीड़न और जाति का सवाल

स्‍थान : सतलज हॉस्‍टल मेस
दिनांक : 19 अप्रैल, 2014  (शनिवार)
समय : 9 PM

वक्‍ता :
1.  भगाना की पीड़ित लड़कियां व उनके परिजन
2.  वेदपाल सिंह तंवर, अध्‍यक्ष, सर्वसमाज संघर्ष समिति, हरियाणा
3.  प्रो. सुषमा यादव (इग्‍नू),  प्रो. विवेक कुमार (जेएनयू)
4.  मुख्‍यत्‍यार सिंह, पीएचडी स्‍कॉलर जेएनयू

Jitendra Kumar Yadav

Research Scholar
Center of Indian Languages
School of Language Literature and Cultural Studies
Jawaharlal Nehru University
New Delhi- 110067

National President
All India Backward Students' Forum (AIBSF)
jite.jnu@gmail.com
Mo :+91  9716839326, +91 8459439496

 

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