विवादों में घिरे ज्वालामुखी मंदिर के अधिकारी सस्पेंड

धर्मशाला।। विवादों में घिरे ज्वालामुखी मंदिर में तैनात मंदिर अधिकारी सुरेन्दर शर्मा को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।  कांगड़ा के जिलाधीश सी पाल रासू ने मंदिर प्रशासन को भेजे आदेशों के तहत मंदिर प्रशासन से आदेशों को अमल में लाने को कहा है।  विवादित अधिकारी इस बीच धर्मशाला चले गये हैं। 
अगले आदेशों तक मंदिर अधिकारी के तौर पर तहसीलदार सदर देवी राम को नियुक्त किया गया है।  गौरतलब है कि पिछले दिनों ज्वालामुखी मंदिर में चढ़ावे की गिनती के दौरान मंदिर अधिकारी को कथित तौर पर बारीदार ने चढ़ावे में गोलमाल करते हुये पकड़ लिया था। ये पूरी घटना सीसीटीवी कैमरें में कैद हो गयाी थाी। 
ज्वालामुखी मंदिर में तैनात मंदिर अधिकरी द्वारा ही गणना के दौरान की हेराफेरी की बात सामने आने से धार्मिक आस्था और श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है।  इन दिनों इस मामले की काफी चर्चा है। लुधियाणा से मंदिर दर्शनों के लिये आये अमरजीत सिंह ने यहां कहा कि इस मामले से उन्हें  हैरानी हुई है कि आखिर जिस व्यक्ति पर ही संस्थान को संभालने का जिम्मा था अगर वह ही हेराफेरी करे तो हालात क्या होंगे। 
खबर है कि ज्वालामुखी मंदिर की जिम्मेदारी संभाले तहसीलदार एवं मंदिर अधिकारी बारीदार पुजारी के साथ चढ़ावे का पैसा गिन रहा था। गणना कक्ष के नियमों के मुताबिक चढ़ावे का हिसाब गिनने से पहले एंट्री में हरेक की जांच अंदर जाने या फिर बाहर निकलते समय होती है। जांच के दौरान कक्ष के बाहर से किसी भी व्यक्ति को मोबाइल, नकदी एवं आभूषण ले आने-जाने पर पाबंदी लगाई गई है। इस दिन भी ऐसा ही हुआ, लेकिन अचानक गिनती के दौरान बारीदार पुजारी की निगाह मंदिर के मुख्य संरक्षण संभाले तहसीलदार सुरेन्दर शर्मा को बातों ही बातों में जेब से नोट निकालते पड़ गई। सीसीटीवी कैमरे में भी सारी घटना रिकार्ड हो चुकी थीं। बाद में पुजारी ने इसकी शिकायत उच्च मंदिर अधिकारियों को की तथा कांगड़ा के जिलाधीश ने फौरन कार्रवाई करते हुए देहरा के एसडीएम को जांच का जिम्मा सौंप सच्चाई उन तक पहुंचाने को कहा। देहरा के एसडीएम विनय कुमार ने सच्चाई के लिए जब मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की वीडियो फुटेज खंगाली तो वह भी हैरान रह गए, क्योंकि उसमें आरोप सही दिख रहे थे।
 इसी आधार पर मंदिर अधिकारी पर कार्रवाई संभव हो पाई। इस बीच ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन ने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जायेगी ताकि सच्चाई सामने आ सके। यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने विधायक बनने के बाद हाल ही में मंदिर परिसर में करीब दो दर्जन सीसीटीवी कैमरे लगवायें हैं, लिहाजा कहीं भी हेराफेरी की कोई गुंजाईश नहीं है। फिर भी कोई ऐसा कुछ करता है तो वह बच नहीं सकता। संजय रतन ने दावा किया कि पिछले एक साल में मंदिर व्यवस्था में निरंतर सुधार हो रहा है। व कई विकास कार्य चल रहे हैं। श्रद्धालुओं के पैसे का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। महज एक मामले से ही पूरी व्यवस्था को ही गलत नहीं ठहराया जा सकता।  वहीं मंदिर प्रशासन को प्रशासन को सारा लेखा जोखा जल्द ही तैयार करना होगा , ताकि अगली कार्रवाई संभव हो सके।
 
विजयेन्दर शर्मा

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