मथुरा से नए पाक्षिक ‘कहिये जनाब’ का शुभआरम्भ

मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली मथुरा नगरी में हिन्दी पत्रकारिता जगत की श्रंखला में एक अध्याय जोड़ते हुए विगत बुधवार राष्ट्रीय हिन्दी पाक्षिक समाचार पत्र 'कहिये जनाब' का शुभारम्भ किया गया। लम्बे समय से जनपद में पंजाब केशरी (पानीपत) का प्रतिनिधित्व कर रहे एंव पत्रकार-परिवार संगठन के अध्यक्ष मदनमोहन 'मानव' ने राजनैतिक-सामाजिक-आध्यात्मिक चेतना को समर्पित इस पाक्षिक पत्र की शुरूआत की है।


 

कृष्णापुरी स्थित कार्यालय पर माँ सरस्वती, ठाकुर बांके बिहारी जी महाराज के साथ-साथ पत्रकार जगत के पुरोधा गणेश शंकर विद्यार्थी पत्रकार परिवार के संस्थापक नरेन्द्र मित्र, जाने माने पत्रकार विजय शंकर वाजपेयी, प्रमुख साहित्कार विचारक व विद्वान बनमाली जी भारद्वाज के चित्र पर माल्यार्पण कर समाचार पत्र 'कहिये जनाब' का विमोचन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि चरण सिंह जादौन ने कहा कि आज पत्रकारिता के क्षेत्र में लाभ-हानि के लिए प्रवेश कर व्यापार जगत के लोग ने पत्रकारिता मिशन को जकड़ने का प्रयास कर रहे हैं। इससे वास्तविक रूप से कलमकार अपनी जिज्ञासा को जनता के बीच लाने में पशोपेश में है। ऐसे में भले ही समाचार पत्रों की बाढ़ लगी हुई है, निष्पक्ष कलम के लिए छोटे समाचार पत्रो की महत्ता को नकारा नही जा सकता।

विद्युत कर्मचारी संघ के वरिष्ठ नेता शैलेन्द्र गुप्ता ने कहा कि जनता की समस्याओं को खोजकर शासन-प्रशासन और जनता के बीच लाने का कार्य लघु समाचार पत्र प्रमुखता से करते है। इन्हें प्रोत्साहित करना चाहिये। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पत्रकार एंव स्वतन्त्रता सैनानी स्वः शिवचरनलाल के पुत्र साहित्यकार सरल शर्मा ने कहा कि समाज में फैलीं विसंगतियों एंव कुप्रथाओं को दूर करने में लघु समाचार पत्र महती भूमिका निभाते हैं। उन्होनें अपने पुराने अनुभवों को भी साझा किया। इस अवसर पर अखबार का मकसद स्पष्ट करते हुये सम्पादक मदन मोहन मानव ने कहा कि सामाजिक नज़रियों से महत्वपूर्ण कई खबरों को बड़े अखबारों में जगह नहीं मिल पाती है। आम आदमी की बात भी कई बार एक दो कॉलम मे सिमट जाती है। कहिये जनाब ऐसे विचारों और स्वरों को प्रमुखता से समाज के सामने लायेगा। विमोचन कार्यक्रम में पत्रकार-परिवार के मंत्री अली अब्बास, सुभाष सैनी, उत्तम शर्मा, अकील कुरैशी, मुकेश, राजकुमार तोमर, उपेन्द्र शर्मा, जगदीश वर्मा, प्रबन्ध सम्पादक हरीकिशन राजपूत, गोपाल शर्मा, कलश शर्मा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन गोपाल शर्मा ने किया।     
                                
प्रथम अंक का सम्पादकीय

आत्म निवेदन
परम सम्मानीय पाठक मित्रो!
'कहिये जनाब' का 'प्रवेषांक' आपको सौंपते हुए हमें अपार प्रसन्नता हो रही है। समाचार पत्र किसी व्यक्ति या संस्था की धरोहर होते हुए भी धरोहर नही होता बल्कि वह आम आदमी की आवाज होता है, समाज का दर्पण होता है, आम जन के अधिकारो का रक्षक व समाज की बुराईयों, कुरीतियो का भक्षक होता है। दुर्भाग्य से आज समाचार पत्र अपनी इस मूल भावना व उद्देश्य से दूर होते जा रहे है। आज के इस प्रतिस्पर्धा के युग में समाचार पत्र गुब्बारे की भांति फूलते (पृष्ठीय आधार पर) तो जा रहे है लेकिन आमजन के लिये स्र्वांश रूप से फलीभूत नही हो पा रहे जिससे समाचार पत्रों की दिनो दिन न केवल विश्वसनीयता कम हो रही है बल्कि उनकी प्रभाविकता भी कम होती जा रही है जो प्रतिष्ठित व लाखो की संख्या में प्रसार का दावा करने वाले समाचार पत्रो में यदा-कदा समाचारो के बीच 'इमपैक्ट'जैसे शब्द को प्रमुखता से छापने के रूप में देखी-समझी जा सकती है।

भारतीय दर्शन, संस्कृति व सामाजिक दृष्टिकोण से प्रत्येक सनातनी भारतवासी 'पंचऋणी'होता है। अपने जीवन में उससे इन ऋणों से उऋण होने के लिए अभीष्ट कर्म की आशा की जाती है। इन ऋणो में 'गुरू' व 'राष्ट्र ऋण'(मातृभूमि) भी है। अपने भारतीय नागरिक होेने की गौरवमयी महसूसी के साथ इन ऋणो से उऋण होने के लिए 'कहिये जनाब' के माध्यम से हम अपने दायित्वो का सम्पूर्ण ईमानदारी व जन कल्याण की सर्वोच्च भावना के साथ पालन करने का प्रयास करेगे।

'कहिये जनाब' जहां व्यवस्थागत विसंगतियो व कमियो को सामने लाता रहेगा वही आम आदमी के साथ होने वाले भेदभाव, अन्याय के विरोध व उसके अधिकारो की रक्षा के लिए सदैव उसकी आवाज बनकर खड़ा होगा।इस महान अवसर पर मैं अपने परम पूज्य गुरूवर नरेन्द्र 'मित्र' जी, वनमाली भारद्वाज जी व मेरे मार्गदर्शक सत्येष पाठक जी, विजयशंकर वाजपेयी जी के श्री चरणो में अपना प्रणाम निवेदित करता हूँ जिन्होंने मुझे अपने जीवन व जीवनोपरान्त भी आशीर्वाद प्रदान किया है जो 'कहिये जनाब' के रूप में भी आपके सामने है।
    
मित्रों! आपका आशीर्वाद, प्यार, स्नेह ही 'कहिये जनाब' का सम्बल है। राष्ट्र व समाज को मजबूती मिलने की दिशा में आपके रचनात्मक सुझावो का स्वागत है।
मदनमोहन मानव

मथुरा से प्रखर क्रान्ति चक्र(साप्ताहिक) के सह सम्पादक जगदीश वर्मा 'समन्दर' की रिपोर्ट। उनसे 09319903380 पर संपर्क किया जा सकता है।

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