पत्रकार सुरक्षा कानून व अन्य मांगों को लेकर महाराष्ट्र के पत्रकार 17 फरवरी को आन्दोलन करेंगे

पत्रकार सुरक्षा कानून और पत्रकार पेन्शन की मांग को लेकर महाराष्ट्र के पत्रकार 17 फरवरी को राज्य के सभी जिला सूचना कार्यालयों का घेराव करेंगे। महाराष्ट्र की पत्रकार हमला विरोधी कृती समिति ने इस आंदोलन का ऐलान किया है। महाराष्ट्र के 35 जिलों के पत्रकार अपने-अपने जिले के सूचना कार्यालय के सामने बैठकर वहां के दैनिक काम का विरोध करेंगे। पत्रकार वहां अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगायेंगे और जिला सूचना अधिकारी को ज्ञापन भी देंगे। यह जानकारी पत्रकार हमला विरोधी कृती समिति के अध्यक्ष एस. एम. देशमुख द्वारा दी गई।

महाराष्ट्र में पत्रकारों के उपर बढ़ते हमलों को लेकर राज्य के पत्रकार काफी चिंतित हैं। हमले रोकने के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून बनाए जाने की मांग को लेकर पत्रकार पिछले पांच साल से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार इस मामले में उदासीनता बरत रही है। इससे पत्रकारों में काफी रोष है। सरकार के इसी रवय्ये के विरोध मे पत्रकारों नें अब सड़क पर उतर कर आंदोलन करने का निर्णय किया है। पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकार पेन्शन के अलावा एक्रेडिटेशन(मान्यता) समिति का गठन, पत्रकार बीमा योजना, छोटे और मध्यम वीकली और डेली अखबारों को दिए जाने वाले विज्ञापन के दरों में बढ़ोत्तरी, टीवी और प्रिन्ट मिडिया के श्रमिक-पत्रकारों को नोकरी की गारंटी, तहसील स्तर पर पत्रकार भवन के लिए जगह और अनुदान, पत्रकारिता विश्वविद्यालय का गठन और प्रेस कौन्सिल ऑफ इंडिया की तरह स्टेट प्रेस कौन्सिल का गठन आदि मांगें भी आन्दोलन में उठाई जाएंगीं। एस.एम.देशमुख ने महाराष्ट्र के पत्रकारों से 17 फरवरी के आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।

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