दिल्ली में मीडिया ने किया रेप पीड़ित दलित लड़कियों के आंदोलन का बहिष्‍कार

दिल्ली। यह कितनी अजीब बात है कि भागाणा (हरियाणा) में गैंग रेप की शिकार हुई बालिकाओं के लिए दिल्‍ली में चल रहे आंदोलन का आज मीडिया ने घोषित रूप से बहिष्‍कार कर दिया। जैसा कि आप जानते होंगे कि भगाणा के लोग गैंग-रेप की शिकार हुई बालिकाओं के साथ पिछले 6 दिनों से दिल्‍ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं। आज (22 अप्रैल, 2014) जेएनयू के सभी छात्र संगठनों के साथियों ने भगाणा के पीड़ितों को साथ लेकर हरियाणा भवन पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आयोजित जन-सभा में एक साथी ने भगाणा प्रकरण को तवज्‍जो नहीं देने को लेकर मीडिया को ब्राह्मणवादी कहा। इस पर वहां खड़े पत्रकारों ने आंदोलन के जातिवादी होने का आरोप लगाते हुए इसके बहिष्‍कार करने की घोषणा कर दी। उन्‍होंने आयोजकों का सबक सिखाने की धमकी दी तथा एक ओर गोल बनाकर खड़े हो गये।

दलितों के आंदोलन के बहिष्कार की घोषणा के बाद हरियाणा भवन के किनारे खड़े पत्रकार

मैं नही समझता कि यह बताने की आवश्‍यकता है कि वास्‍तव में ऐसा क्‍यों हुआ।

 

फारवर्ड प्रेस के संपादक प्रमोद रंजन के फेसबुक वॉल से

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