मोदी जशोदाबेन को अपनाएँ तो मैं भाजपा को वोट दूंगी: नूतन ठाकुर

लखनऊ स्थित सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर कहा है कि उन्होंने जशोदाबेन को अपनी पत्नी स्वीकार कर बहुत अच्छा कार्य किया है। लेकिन जिस प्रकार जशोदाबेन ने लगातार अपने इंटरव्यू में उनके प्रति अपना स्नेह दिखाया है उसका सही आदर तभी माना जाएगा जब मोदी उन्हें पूरी तरह पत्नी के रूप में अपनाते हुए उन्हें अपने घर में समानजनक स्थान देंगे।

नूतन ने कहा कि यदि मोदी ने ऐसा किया तो वे भारतीय जनता पार्टी की समर्थक नहीं होने के बाद भी मात्र इस कार्य के एवज़ में उन्हें प्रधानमंत्री बनाने की दिशा में अपना एक वोट भाजपा को देंगी। अन्यथा उनकी पार्टी को हराने के लिए लखनऊ से पार्टी प्रत्याशी राजनाथ सिंह के सबसे मजबूत प्रतिद्वंदी को अपना वोट यह सोच कर देंगी कि जिस व्यक्ति ने अपनी देवी सरीखी पत्नी को उनका वांछित स्थान नहीं दिया वह इस देश की जनता को अपने ह्रदय में क्या और कैसे स्थान देगा।

 
भेजा गया पत्र
 

सेवा में,                                                                                                           दिनांक 10 अप्रैल, 2014 श्री नरेन्द्र मोदी,                                                                                                                        
 संभावित प्रधानमंत्री,
भारत,
(वर्तमान में मुख्यमंत्री, गुजरात सरकार),
अहमदाबाद।

महोदय,
       मैं डॉ नूतन ठाकुर
निवासी लखनऊ, उत्तर प्रदेश एक सामाजिक कार्यकर्ता हूँ और अन्य विषयों के साथ महिला अधिकार के क्षेत्र में भी कार्य करती हूँ, साथ ही मैं एक आम भारतीय नारी भी हूँ.

मुझे भी इस बात पर अपार ख़ुशी हुई है कि आपने लोकसभा चुनाव में किए गए अपने नामांकन में में माना है कि आप शादी शुदा हैं. हलफनामे में इस बात का जिक्र किया गया है कि आपकी शादी करीब 45 वर्ष पहले श्रीमती जशोदाबेन से हुई थी.  

इसके पूर्व आपने वर्ष 2001, 2002, 2007 और 2012 के दौरान दायर अपने हलफनामे में अपनी पत्नी के बारे में जानकारी देने वाले को कॉलम को खाली छोड़ दिया था.

इसके विपरीत कुछ दिन पहले आपकी पत्नी श्रीमती जशोदाबेन ने कुछ राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समाचारपत्रों में दिए अपने इंटरव्यू में यह पूरा भरोसा जताया था कि आप ही इस देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. उन्होंने बताया था कि वे इस समय अहमदाबाद में अपने भाई के साथ रहती हैं और उनका ज्‍यादातर समय प्रार्थना में ही गुजर जाता है. एक प्राइमरी स्‍कूल की टीचर के तौर पर रिटायर होने वाली जशोदाबेन को हर माह 14,000 रुपए पेंशन के तौर पर मिलते हैं. 17 वर्ष की उम्र में उनकी शादी आप के साथ हुई थी और करीब तीन साल तक साथ रहने के बाद अप दोनों अलग हो गए थे.

श्रीमती जशोदाबेन के मुताबिक उन्‍हें आज भी याद है कि जब वह आप के घर गई थीं तो आप ने उनसे कहा था कि आप चाहते हैं कि वे अपनी पढ़ाई पूरी करें. श्रीमती जशोदाबेन ने इंटरव्‍यू में साफ कर दिया कि आप और आपके घर को छोड़ने का निर्णय सिर्फ उनका ही था और इस निर्णय को लेकर उनके और आपके बीच कभी कोई तनाव नहीं हुआ और न ही आपने उनसे इस बारे में कोई सवाल किया।.

उन्होंने यह भी कहा कि वह और आप अच्‍छे हालातों में एक-दूसरे से अलग हुए थे और आपके बीच कभी किसी भी तरह का झगड़ा नहीं हुआ था. आज भले ही उनके और आप के बीच बातचीत पूरी तरह से बंद हो लेकिन वह आप से जुड़ी हर खबर पर नजर रखती हैं. हर अखबार में छपी उनकी खबर और न्‍यूज चैनलों पर टेलीकास्‍ट होने वाली कोर्इ भी खबर ऐसी नहीं है जो उनसे छूटती हो. श्रीमती जशोदाबेन को इस बात पर भी यकीन है कि आप उन्‍हें कभी भी कॉल नहीं करेंगे लेकिन उन्होंने अपने इंटरव्‍यू में आपके उज्‍जवल भविष्‍य के लिए शुभकामनाएं भी दी थीं और वह इस बात पर दृढ़ हैं कि आप एक दिन प्रधानमंत्री जरूर बनेंगे, उन्होंने बताया कि उन्‍हें इस बात का बिल्‍कुल भी बुरा नहीं लगता कि आप ने इतने वर्षों तक उन्‍हें नजरअंदाज किया. वह कहती हैं कि यह सिर्फ किस्‍मत और बुरे वक्‍त का नतीजा है. हालांकि श्रीमती जशोदाबेन यह कहना भी नहीं भूलती हैं कि उन्‍हें अपनी इस स्थिति का बुरा बिल्‍कुल भी नहीं लगता है क्‍योंकि उनका भविष्‍य और किस्‍मत दोनों दिन पर दिन बेहतर ही हुए हैं. लेकिन वह यह भी मानती हैं कि अगर वह आपकी पत्‍नी नहीं होती तो शायद कभी उनका जिक्र दुनिया में नहीं हो पाता.

यह सब पढ़ने से यह स्पष्ट हो जाता है कि श्रीमती जसोदाबेन के ह्रदय में आपके लिए क्या स्थान है और वे किस प्रकार से आज भी आप को अपने लिए क्या मानती हैं. इससे यह भी साफ़ दिख जाता है कि वे कितनी महान महिला हैं और जिस प्रकार के भारतीय नारी और भारतीय संस्कारों की बात भारतीय जनता पार्टी हमेशा करती हैं उससे वे किस प्रकार आप्लावित और ओतप्रोत हैं. एक नारी के रूप में श्रीमती जशोदाबेन की एक-एक बात मुझे अपने पति के प्रति मेरे स्वयं के प्रेम और अनुराग से मिलती-जुलती दिखती है और मुझे विश्वास है कि ऐसा ही लगभग हर नारी जो इन इंटरव्यू को पढ़ेंगी, वे भी अनुभव करेंगी.
 
ऐसे में एक नारी के रूप में, एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में और इस देश की जनता के रूप में मैं आपके द्वारा अपनी पत्नी को सार्वजनिक स्वीकार्यता देने के लिए कोटिशः बधाई और धन्यवाद देती हूँ. इसके साथ ही आपसे जोर डाल कर यह भी अनुरोध करुँगी कि चूँकि अब आपने यह स्वीकार कर लिया है कि श्रीमती जशोदाबेन आपकी पत्नी हैं, अतः रीति, नीति, नियम, सामाजिकता, विश्वास, पारिवारिकता, संस्कार और प्रत्येक अन्य भारतीय सौम्यता, शिष्टता और संस्कृति के अनुरूप श्रीमती जसोदाबेन जैसी महान महिला को पूरी तरह स्वीकार करते हुए उन्हें अपने घर में उनका वांछित स्थान देते हुए अपने स्वयं की गरिमा बढाने और अपने आवश्यक दायित्यों को पूरा करने का कार्य करें.

मुझे विश्वास है जिस प्रकार आपने अपनी पत्नी को कल सार्वजनिक जीवन में सहधर्मिणी का स्थान दिया है उसी प्रकार उन्हें अपने घर और ह्रदय में स्थान दे कर एक नयी मिसाल और देश-विदेश में अपने लिए एक नया स्थान बनाने का कार्य भी करेंगे.

मैं यह निवेदन करुँगी कि यदि आपके द्वारा ऐसा किया गया तो मैं निश्चित रूप से आपके मात्र इस कार्य की एवज़ में आपके प्रधानमंत्री बनने के लिए अपना एक वोट भारतीय जनता पार्टी के खाते में डालूंगी क्योंकि मुझे लगेगा कि यदि इस व्यक्ति ने अपनी पत्नी रुपी एक सच्ची नारी के ह्रदय और उसकी भावना को समझ लिया है तो वह निश्चित रूप से एक अच्छा मनुष्य होगा और उसे अपने देश का प्रतिनिधि बनाया जाना चाहिए. अन्यथा मात्र आपको हराने की दृष्टि से लखनऊ स्थित आपके पार्टी प्रत्याशी श्री राजनाथ सिंह के सबसे मजबूत प्रतिद्वंदी को अपना वोट यह सोच कर दूंगी कि जिस व्यक्ति ने अपनी देवी सरीखी पत्नी को उनका वांछित स्थान नहीं दिया वह इस देश की जनता को अपने ह्रदय में क्या और कैसे स्थान देगा. यह भी बताना चाहूंगी कि शायद ऐसी ही भावनाएं लाखों-करोड़ों अन्य महिलाओं की भी होगी.

भवदीया,
डॉ नूतन ठाकुर,
5/426, विराम खंड,
गोमतीनगर, लखनऊ
# 094155-34525
nutanthakurlko@gmail.com

 

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