सहारा का विज्ञापन ‘गलतियों से भरा’ और उटपटांग

सहारा समूह के 'क्यू शॉप्स' का विज्ञापन विवादों में घिरता जा रहा है। विज्ञापन न सिर्फ भाषाई अशुद्धियों से भरा है बल्कि एक गैर सरकारी संगठन ने तो  बाकायदा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इसके प्रसारण पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। जहां विशेषज्ञ इसे गलतियों से भरा बता रहे हैं वहीं संगठन का आरोप है कि इस विज्ञापन के द्वारा लोगों के अंदर भय पैदा किया जा रहा है।

सहारा ने अपनी नयी महत्वाकांक्षी योजना के तहत रिटेल आउटलेट क्यू शॉप्स यानि क्वालिटी की चीजें बेचने के नाम पर शुरु करने की सोची है और इसके लिये जोर-शोर से प्रचार अभियान भी जारी है। टीवी पर जारी इसके कमर्शियल विज्ञापन में वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर समेत कई नामी क्रिकेटर शामिल हैं। लेकिन पता नहीं इसके विज्ञापन की विषयवस्तु और भाषा पर किसी ने ध्यान क्यों नहीं दिया।

विज्ञापन के दूसरे दृश्य में ही कंकड़ को 'कंकर' लिखा गया है जो कई भाषाविदों के नजरिये से गलत है। 'कंकड़' पत्थर के छोटे टुकड़ों को कहते हैं जिसे कुछ दाल विक्रेता मिलावट के तौर पर इस्तेमाल में लाते हैं। इसके बदले 'कंकर' शब्द का प्रयोग अपभ्रंश और क्षेत्रीय भाषा में लिखे कुछ दोहों में जरूर हुआ है लेकिन हिंदी में इस शब्द का कोई अर्थ नहीं है। आश्चर्य की बात ये है कि सहारा समूह के इतने सारे टीवी चैनलों और अखबारों के तथाकथित विद्वानों ने इस मामूली भूल या नासमझी को नजरंदाज़ कैसे कर दिया। आगे देखने पर भी कई भाषायी अशुद्धियां चुभती हैं।
 
इसके अलावा इस विज्ञापन का कॉन्सेप्ट भी कई लोगों के गले से नहीं उतर रहा। उदय नाम के एक गैर सरकारी संगठन ने तो सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी एवं नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स को पत्र लिखकर इस विज्ञापन के खिलाफ उचित कदम उठाने की मांग भी की है।
 
विज्ञापन में क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को अंतिम क्रिया की तैयारी करते दिखाया गया है जबकि एक परिवार नाश्ता कर रहा होता है। इस विज्ञापन में युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग को भी दिखाया गया है। चिकित्सक के परिधान में एक व्यक्ति मिलावटी खाद्य पदार्थ के सेवन से कैंसर, किडनी सम्बंधित रोग एवं मस्तिष्क की क्षति होने जैसी चेतावनी देता है। संगठन के मुताबिक, ''हाल ही में टीवी पर सहारा 'क्यू शॉप्स' के प्रसारित हो रहे विज्ञापन अपना उत्पाद बेचने के लिए लोगों में भय पैदा कर रहे हैं।'' ग़ौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई पहले ही क्रिकेट खिलाड़ियों का प्रयोग करने के कारण सहारा के विज्ञापन पर नाखुशी जाहिर कर चुका है।

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