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उत्तर प्रदेश

पीलीभीत में नामांकन के दौरान मीडिया से भिड़ गए कांग्रेस नेता सुखलाल

पीलीभीत: जनपद में दूसरे चरण में मतदान है। ऐसे में जहां मेनका गांधी जीत की ओर कदम बढ़ा रही है तो वहीं कांग्रेसी नेता अपनी हार सहन नहीं कर पा रहे है। पीलीभीत में वैसे तो कल बसपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी समेत कई निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपना-अपना नामांकन कराया। जहां एक ओर बसपा से अनीस अहमद खां, आम आदमी पार्टी से राजीव अग्रवाल ने नामांकन कराया तो वहीं इस बार जहां कांग्रेस के पर्यवेक्षक रहे जनपद रामपुर के विधायक व कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव संजय कपूर ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। आपको बता दे कि संजय बीते दिनों बरेली मण्डल के लोकसभा पर्यवेक्षक बने थे उन्होने पीलीभीत से 5 प्रत्याशियों के नामांकन लिये थे जिन्हे कांग्रेस का टिकट मिलना था। मगर अचानक कांग्रेस की राजनिति में एक नया मोड़ आया और संजय स्वंय कांग्रेस प्रत्याशी बन गये। हाल ही में संजय के प्रत्याशी बनते ही, भाजपा के बरखेडा से विधायक रहे और 2012 में पूरनपुर से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे सुखलाल, बीती 18 मार्च को मेनका के होली मिलन समारोह के दौरान दोबारा भाजपा में शामिल हुये। मगर तीसरे ही दिन सुखलाल वापस कांग्रेस में आ गये।

पीलीभीत: जनपद में दूसरे चरण में मतदान है। ऐसे में जहां मेनका गांधी जीत की ओर कदम बढ़ा रही है तो वहीं कांग्रेसी नेता अपनी हार सहन नहीं कर पा रहे है। पीलीभीत में वैसे तो कल बसपा, कांग्रेस व आम आदमी पार्टी समेत कई निर्दलीय प्रत्याशियों ने अपना-अपना नामांकन कराया। जहां एक ओर बसपा से अनीस अहमद खां, आम आदमी पार्टी से राजीव अग्रवाल ने नामांकन कराया तो वहीं इस बार जहां कांग्रेस के पर्यवेक्षक रहे जनपद रामपुर के विधायक व कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय सचिव संजय कपूर ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। आपको बता दे कि संजय बीते दिनों बरेली मण्डल के लोकसभा पर्यवेक्षक बने थे उन्होने पीलीभीत से 5 प्रत्याशियों के नामांकन लिये थे जिन्हे कांग्रेस का टिकट मिलना था। मगर अचानक कांग्रेस की राजनिति में एक नया मोड़ आया और संजय स्वंय कांग्रेस प्रत्याशी बन गये। हाल ही में संजय के प्रत्याशी बनते ही, भाजपा के बरखेडा से विधायक रहे और 2012 में पूरनपुर से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे सुखलाल, बीती 18 मार्च को मेनका के होली मिलन समारोह के दौरान दोबारा भाजपा में शामिल हुये। मगर तीसरे ही दिन सुखलाल वापस कांग्रेस में आ गये।

 
मगर
कल सुखलाल उस समय उखड़ गए जब मीडिया ने उनसे कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा में आने-जाने की बात पूछी। कल प्रशासन द्वारा आचार संहिता का पालन कराने की पोल भी खुल गयी। जब कांग्रेस प्रत्याशी संजय कपूर के समर्थन में एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओ के साथ पूर्व विधायक एंव कांग्रेस नेता सुखलाल बैरिंकिडिंग के अन्दर आ गये और नामांकन कक्ष के बाहर भीड़ लगाकर खडे हो गये। पुलिस ने मीडिया का कैमरा चलता देख भीड़ को बाहर का रास्ता दिखाया। मीडिया ने इसी बात पर जब पूर्व विधायक सुखलाल से पूछना चाहा तो सुखलाल मीडिया पर हमलावार हो गये और कैमरे पर हाथ मार दिया जिससे कैमरा क्षतिग्रस्त हो गया।

इसके साथ ही सवाल पूछने पर कई बार पूर्व विधायक ने मीडियाकर्मीयो से धक्का मुक्की की। चुनाव आयोग का स्पष्ट आदेश है कि मुख्य पार्टियों के उम्मीदवारों के साथ केवल पांच लोग ही जा सकते है लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार ने चुनाव आयोग के आदेश की खुले आम धज्जियां उडाई। जब मीडिया द्वारा पूर्व विधायक से सवाल पूछा तो प्रशासन जागा और पूर्व विधायक को बाहर का रास्ता दिखाया। वहीं जब कांग्रेस उम्मीदवार संजय कपूर से इस बाबत पूछा गया तो वह साफ मुकर गये। पूर्व विधायक सुखलाल पहले भी सुर्खियो में रहे है 2012 विधान सभा चुनाव में एक निजी टीवी चैनल के स्टिंग आपरेशन में भी सुखलाल फंसे थे।

फिलहाल बसपा से पूर्व मंत्री अनीस अहमद खां उर्फ फूलबाबू, आप के उम्मीदवार राजीव अग्रवाल, कांग्रेस उम्मीदवार संजय कपूर सहित तीन अन्य निर्दलीय उम्मीदवारो ने नामांकन कराया है। वहीं अनीस अहमद ने सुखलाल की दबंगई के लिए शासन को जिम्मेदार ठहराया है और कहा कि पत्रकार भी सुरक्षित नहीं है।

 

पीलीभीत से शारिक़ परवेज़ की रिपोर्ट।

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