‘हम पत्रकार है, तुम 15 अगस्त की सुबह नही देख पाओगे..’

एक बार फिर पत्रकारिता का चोला ओढ़ कर अपनी रोटी सेकने वालों के चलते चैथा स्तम्भ लज्जित हुआ है। वाकया यूपी के गाजीपुर जिले का हैं, जहां सरकारी कर्मचारी से मारपीट करने वाले आरोपी की पैरवी करने वाले एक तथाकथित पत्रकार ने कुछ ऐसा ही कदम उठाया। दारू पीकर आये दिन हंगामा करने वाले इस तथाकथित मीडियाकर्मी ने उस पीड़ित सरकारी कर्मचारी से मुकदमा वापस लेने के लिए फोन पर अभद्रता करते हुए जान से मारने की धमकी भी दे डाली। इतना ही नही शहर कोतवाल और सीओ सिटी के साथ भी फोन पर अभद्रता की। जिसकी रिकार्डिंग पुलिस अधिकारी ने कर ली और इसी आधार पर 504, 505 का मुकदमा दर्ज कर उसे हवालात में डाल दिया गया है।

पत्रकारिता का चोला ओढे हिरासत में आया यह व्यक्ति खुद को सहारा पेपर का कैमरामैन बता रहा था किन्तु जब सहारा के ब्यूरो प्रमुख से पुलिस ने बातचीत की तो स्थानीय ब्यूरो प्रमुख ने इस बात से साफ इंकार कर दिया। गौरतलब है कि यह शख्स कुछ सालों पहले फर्जी आरटीओ बन कर लूट करने के मामले में भी जेल जा चुका है। ऐसे लोगों का पत्रकारिता मे होना बड़ा ही शर्मनाक दाग हैं। ऐसे लोग जो कि हाईस्कूल भी ठीक से पास नही होते हैं किन्तु समाज में खुद को पत्रकार बताकर लोगों को ठगने में पीएचडी की डिग्री रखते हैं। आज इन्ही लोगों की बढती संख्या के चलते योग्य पत्रकार जलालत झेलने को मजबूर है।
 एक पत्रकार
 

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