कांडा के खिलाफ़ मुकदमा चलाने के लिए काफी सुबूत हैं दिल्ली पुलिस के पास

 

पूर्व एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा आत्महत्या मामले में पुलिस ने हरियाणा के पूर्व मंत्री और हरियाणा न्यूज़ टीवी के मालिक गोपाल कांडा व उसकी मैनेजर अरुणा चड्ढा के खिलाफ लगभग एक हजार बीस पेज का आरोप पत्र दायर करते हुए दावा किया है कि उनके पास केस चलाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। 
 
पुलिस ने अपने आरोप पत्र के साथ गीतिका को भेजे गए ईमेल व स्त्री रोग विशेषज्ञ की उस रिपोर्ट का भी हवाला दिया है जिसमें कहा गया है कि गीतिका शर्मा के गर्भवती होने के बाद उसका गर्भपात भी कराया गया था। इतना ही नहीं गीतिका के साथ काफी लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाए गए थे। पुलिस ने रोहिणी कोर्ट में दायर अपने आरोप पत्र में पुरानी कहानी को दोहराते हुए कहा है कि उनको कांडा के खिलाफ केस चलाने के लिए अधिक्तर सबूत मिल गए हैं। कांडा के 11 दिन भूमिगत रहने के दौरान की गई छापेमारी में ही पुलिस के हाथ पुख्ता सबूत लगे है।
 
गीतिका पर दबाव बनाने एवं मानसिक प्रताडऩा संबंधी दस्तावेज व पुलिस का गवाह बने एमडीएलआर के कर्मचारी मंदीप के खुलासे से कांडा पर शिकंजा कसने में पुलिस को खासी कामयाबी मिली है। मंदीप ने जहां गीतिका और कांडा के संबंधों का खुलासा कियाए वहीं ईमेल व अन्य दस्तावेजों ने साबित किया कि कांडा किसी भी सूरत में गीतिका को अपनी कंपनी से अलग नहीं होने देना चाहता था। यहां तक कि गीतिका को उसने बीएमडब्ल्यू गाड़ी दे रखी थी। उसके नाम पर कुछ संपत्तियां भी की थीं। पुलिस ने अपने आरोप पत्र में बताया कि गीतिका पर दबाव बनाने के लिए उस पर फर्जी ईमेल आईडी से मेल भी भेजे गए।
 
इतना ही नहीं कांडा व अरूणा खुद उससे मिलने दुबई गए। पुलिस को सबूत के तौर पर  गीतिका का दो पेज का सुसाइड नोट कांडा व अरुणा की दो बार दुबई यात्रा का ब्यौरा गीतिका को अलबशीर नामक फर्जी आइडी से भेजी गई धमकी भरी ईमेल की कॉपी व ईमेल एकाउंट बनाने में प्रयुक्त एमडीएलआर कंपनी के कंप्यूटर की हार्ड डिस्क, सनडेल एजुकेशनल सोसायटी व एकेजी कंपनी के दस्तावेज जिनमें गीतिका को पदाधिकारी बनाने संबंधी कागजात मिले हैं। 
 
इसके अलावा पुलिस को एमडीएलआर कंपनी व कांडा के निजी कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क गीतिका का नियुक्ति पत्र जिसमें उसे हर शाम कांडा के पास जाकर रिपोर्ट करने की शर्त  रखी गई थी गीतिका को अरुणा व कांडा द्वारा भेजे गए एक हजार से अधिक एसएमएस व ईमेल का ब्योरा गीतिका,कांडा व अरुणा के बीच बातचीत के मोबाइल कॉल डिटेल्स व कंपनी के कर्मचारी द्वारा सीआरपीसी की धारा 164 के तहत अदालत में दिया गया बयान भी शामिल है।
 
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान मिले तमाम सबूतों से यह साफ हो जाता है कि अरूणा व कांडा ने ही गीतिका को इतना प्रताडि़त किया कि उसने आत्महत्या करने जैसा कदम उठा लिया। इतना ही नहीं पुलिस ने इन दोनों पर धोखाधड़ी, सबूत मिटाना, फर्जी कागजात तैयार करना, धमकी देना सहित आईटी एक्ट के तहत भी मामला बनाया है। हालांकि अभी भी पुलिस को अभी भी उस मोबाइल की तलाश है जो कंपनी की तरफ से गीतिका को दिया गया था और नौकरी छोडऩे के बाद गीतिका ने उसे वापिस लौटा दिया था। इसके अलावा कांडा के दो मोबाइल फोन व अरूणा को कंपनी की तरफ से दिया गया मोबाइल भी पुलिस को नहीं मिला है। (पंजाब केसरी)

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