सेना के पीआरओ कर्नल अजय चौधरी 20 करोड़ की ड्रग्स के साथ अरेस्‍ट

: पांच अन्‍य भी पुलिस के हत्‍थे चढ़े : इंफाल : मणिपुर के चंदेल जिले में पुलिस ने आज सेना के कर्नल स्तर के पीआरओ और पांच अन्य व्यक्तियों को कथित रूप से 20 करोड़ रुपए मूल्य का अवैध मादक पदार्थ ले जाते वक्त गिरफ्तार कर लिया जिसकी तस्करी म्यामां की जानी थी। राज्य पुलिस ने यहां बताया कि मादक पदार्थ चंदेल जिले के पालेल में तीन वाहनों में पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि सेना के पीआरओ कर्नल अजय चौधरी, उनके सहायक आर के बाबलू, इंडिगो के सहायक प्रबंधक बृजेंद्र सिंह, हाउपो हाओकिप, मिंथांग बोंगेल और मिलन हाओकिप को हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किये गए लोगों से यहां से करीब 45 किलोमीटर दूर पालेल थाने में पूछताछ की गई। उनके खिलाफ पादक पदार्थ कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें थाउबल जिला स्थित काकसिंग पुलिस थाने ले जाया जाएगा।

सेना के प्रवक्ता कर्नल जगदीप दाहिया ने दिल्ली में कहा, ‘कर्नल अजय चौधरी को मणिपुर पुलिस ने सुबह पांच अन्य व्यक्तियों के साथ गिरफ्तार किया। हमें बताया गया है कि कुछ मादक पदार्थ बरामद किया गया।’ सेना ने वादा किया कि यदि कोई भी कर्मी मामले में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अजय चौधरी ने दावा किया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि भेजे जा रहे माल में अवैध मादक पदार्थ है। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ अधिकारी के भतीजे ने उनके साथ धोखा किया। उन्होंने यह साफ नहीं किया किया वह गिरफ्तार किये गए व्यक्तियों में से किसके बारे में यह बात कह रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘शनिवार को एक बहुत ही वरिष्ठ अधिकारी का भतीजा मेरे पास आया जिसे मैं जानता हूं। मैं उससे उसके स्थान पर दो या तीन बार मिला हूं। उसने कहा कि वह मोरे में बाजार करने के लिए आया है और मोरे के रास्ते में कुछ लोगों ने उसे परेशान किया।’ चौधरी ने कहा, ‘मैंने उससे पूछा वह क्या है, उसने कहा कि कुछ नहीं केवल कुछ चीजें हैं जिसका वह व्यापार करता है। कुछ बंडल होंगे जिन्हें मैं अपने कार में ले जाऊंगा। इसलिए आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। इसलिए मैंने कहा ठीक है।’

उन्होंने कहा कि उन्होंने इंडिगो के अपने एक मित्र से कहा और वह भी उनके साथ आने को तैयार हो गए ताकि वे मोरे में कुछ खरीदारी कर सकें। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने जांच चौकी पर कमांडो को जांच करने दिया क्योंकि उन्हें कुछ गलत चीज होने का संदेह नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘चूंकि वह एक मित्र है और किसी वरिष्ठ का रिश्तेदार है, आप कभी यह शक नहीं करेंगे कि वह ऐसा काम करेगा। जो भी हो इसमें मुझसे धोखा हुआ है।’

सेना प्रवक्ता दहिया ने कहा, ‘हम यह कहना चाहते हैं कि वह कानून के तहत दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ दहिया ने कहा, ‘जब हमसे औपचारिक रूप से सम्पर्क किया जाएगा तो हम प्रक्रिया में शामिल होंगे।’ पुलिस ने बताया कि मादक पदार्थ में रेस्पीफेड, ओमकॉप, हिलकोल्ड, पॉलीफेड और एक्टीडेन की गोलियां शामिल हैं जिनकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपये है। ये मादक पदार्थ का पार्टियों में इस्तेमाल होता है, इसका दुरुपयोग होने की संभावना होती है क्योंकि इससे नशा होता है। (एजेंसी)

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