आशुतोष महाराज की समाधि, सत्य या असत्य?

आज बार-बार एक ही प्रश्न मन मे उठ रहा है कि क्या धर्म अंध विश्वास है? क्या धर्म केवल और केवल एक अंधी आस्था ही है, जिसका कोई आधार नहीं? क्या धर्म केवल एक प्रश्न ही है कि जिसका ठोस उत्तर आज किसी के पास नहीं। और अगर है तो कोई उसे स्वीकार करने को तैयार ही नहीं। आज धर्म और आस्था के नाम पर जो हो रहा है, आज सत्य और असत्य के नाम का जो ढ़ोल पीटा जा रहा है, क्या धर्म उसके शोर में दब जाएगा?

कदापि नहीं। सत्य सदा सर्वदा सत्य रहा है और सत्य ही रहेगा। क्या आशुतोष जी जिसे आप महाराज जी कह रहे थे उसका एक भी शिष्य(जो अपने आपको स्वामी कहलवाते हैं) यह बता सकते हैं कि “महाराज जी” शब्द वो किसके लिए प्रयोग करते हैं और महाराज जी का अर्थ क्या होता है और ‘स्वामी” शब्द किसके लिए प्रयोग करते हैं और इसका अर्थ क्या होता है?

1 आशुतोष जी के शिष्य जो आशुतोष जी को समाधि में होने का दावा कर रहे हैं वो अगर उनके शिष्य हैं वो यह कैसे जानते हैं कि यह समाधि ही है? जिनका गुरु समाधि लगाना जानता है या लगा सकता है तो कम से कम उनका कोई तथाकथित स्वामी या एक शिष्य तो इस प्रक्रिया को जानता होगा तो क्या वो ऐसा कर के दिखा सकता है फिर भले वो कुछ घंटों के लिए ही क्यूँ ना हो? वरना इस दावे का आधार ही क्या है?
 
2 आज जिन संतों का नाम लेकर उदाहरण दिये जा रहे हैं कि वो समाधि में गए थे, तो क्या उनके शिष्यों ने भी अपने गुरु की देह को ऐसे ही फ्रीजर में रखा था(माना तब फ्रिज नहीं थे) या उसकी देह को उठा कर हिमाचल या वहाँ लेकर गए थे जहाँ तापमान शून्य डिग्री से कम हो?
 
3 समाधि और मृत्यु में क्या अंतर है इसे भी स्पष्ट नहीं किया गया कि समाधि के और शव के क्या क्या लक्षण हैं? और तो और क्या कोई एक भी बाहर का व्यक्ति जिसने खुद देखा हो कि वो समाधि में है फिर भले वो मीडिया हो या कोई साधु समाज का प्रतिनिधि या कोई भी इंसान जिसका संस्थान से कोई सम्बन्ध न हो?
 
4 अगर यह समाधि ही है तो उसके वीडियो जारी करने या कोई चित्र दिखाने में आपत्ति किसलिए और उनके अपने शिष्यों तक को भी उनके दर्शनों से वंचित क्यूँ रखा जा रहा है हालांकि इसे दिखा कर वो अपने गुरु का सम्मान ही करेंगे क्यूंकि किसी धर्म ग्रंथ में यह भी तो नहीं लिखा है कि उसे दिखाना भी नहीं चाहिए?
 
5 जैसा कि संस्थान आज दावा कर रहा है कि मीडिया ने किसी को उसकी पत्नी बना दिया और किसी को आशुतोष का बेटा जबकि आशुतोष बाल ब्रह्मचारी हैं इस बात का प्रमाण क्या है। और अगर मीडिया ने उसका परिवार जो दिखाया है वो गलत है तो असल में उनका परिवार उनके माता पिता कौन हैं और कहाँ है यह आज तक क्यूँ नहीं बता पाये? अगर दलीप झा उनका बेटा नहीं है(संस्थान के अनुसार वो बिका हुआ है) तो फिर डीएनए टैस्ट करवाने में आपत्ति क्यूँ। हालांकि यह सब होने से जो सत्य है वही सामने आएगा और इससे वो अपनी बात की सत्यता का प्रमाण भी दे सकते हैं।
 
6 संस्थान कह रहा है कि आशुतोष जी पहले भी कई बार समाधि में जा चुके हैं परंतु वो कब गए थे इस बात का उत्तर भी वो गोल कर जाते हैं? और जब समाधि में गए थे क्या तब भी उनकी देह को फ्रीजर में रखा गया था?
 
7 क्या समाधि प्राकृतिक होती है या अप्रकृतिक अर्थात जब कोई योगी समाधि में जाता है, तो उसकी देह की रक्षा प्रकृति करती है या उसके शिष्यगण?
 
8 क्या समाधि केवल हिमालय में ही हो सकती है या जहाँ तापमान शून्य डिग्री या इससे कम हो अथवा कहीं भी हो सकती है या लगाई जा सकती है?
 
9 अगर समाधि वाले शरीर को फ्रीजर में ना रखा जाये तो क्या वो मर जाएगा या पहले जितनी भी समाधियाँ हुई हैं क्या उन सब के यही लक्षण थे?
 
10 क्या अपनी प्रसिद्धि बढ़ाने के लिए कोई नाटक या प्रपञ्च नहीं रचा जा सकता है? जिसे बाद में बता कर संसार में वाह-वाही और प्रसिद्धि लूटी जा सके?
 
11 क्या समाधि वाले शरीर पर सर्दी गर्मी और बरसात का प्रभाव रहता है अथवा नहीं?

12 अगर समाधि में दिल की धड़कन नहीं चलती, रक्त संचार नहीं होता, नब्ज़ नाड़ी नहीं चलती तो वो क्या आधार है जिससे इस बात को जाना समझा जा सके कि यह समाधि ही है और यह कब खुलेगी?
 
13 क्या आज कोई भी प्रचारक/प्रचारिका(स्वामी जी) जो महाराज जी को प्रकट कर लेने का दावा किया करते थे आज महाराज जी को प्रकट कर उनसे पूछ कर यह बता सकते हैं कि यह समाधि कब खुलेगी?

इन सब प्रश्नों का उत्तर कौन देगा और यह प्रश्न आज हर जहन में हैं जो धरती पर अपने आपको आध्यात्मिक कहने वालों को हर जिज्ञासु और हर भगवत प्रेमी मन ही मन में कर रहा है और इन प्रश्नों के प्रति चुप्पी हर मन में शंका पैदा कर रही है कि क्या वास्तव में अध्यातम है भी या केवल एक अंधी आस्था जिसका कोई अंत नहीं।

 

संत ज्ञानेश्वर जी। संपर्कः bhagwadavatari@gmail.com

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