इंडिया टीवी के स्टिंग में फंसे कई अंपायर, ग़ौरी ने कहा फर्ज़ी है ऑपरेशन

 

भारतीय टीम भले ही क्रिकेट के टी-20 वर्ल्ड कप से बिना पदक लिये ही वापस आ गयी हो, उसके प्रशंसक मैदान से बाहर रहने के मूड मे नहीं हैं। उसे ताजा समर्थन मिला है इंडिया टीवी से जिसने एक स्टिंग ऑपरेशन के जरिेये साबित कर दिया कि हार और जीत खिलाड़ियों की मेहनत और हुनर की मोहताज़ नही है, बल्कि इसके लिये सटोरियों और बेईमानों को भी क्रेडिट दिया जाना चाहिए। उधर एक पाकिस्तानी अंपायर ने इस ऑपरेशन को झूठा करार दिया है।
 
भारत जैसे देशों में जहां क्रिकेट किसी मज़हब से कम नहीं है, इस स्टिंग ऑपरेशन में बिकता देखना खासा चौंकाने वाला था। इंडिया टीवी ने राजफाश किया है कि हाल में संपन्न हुए टी-20 वर्ल्ड कप व बांग्लादेश प्रीमियर लीग में पाकिस्तान, श्रीलंका व बांग्लादेश के छह अंपायर ऐसे थे, जो रुपये लेकर अपना निर्णय बदलने को तैयार थे। इस न्यूज चैनल ने ‘ऑपरेशन वर्ल्ड कप’ नाम से दिखाए स्पेशल रिपोर्ट में कई राज खोले।
 
चैनल का दावा है कि उसने यह स्टिंग वर्ल्ड कप से पहले जुलाई-अगस्त और सितंबर में किया था। इस दौरान कुछ अंपायरों को चैनल के अंडरकवर रिपोर्टर से रुपयों के बदले फैसले बदलने व अहम जानकारियां देने के लिए हामी भरते देखा गया है। इन अंपायरों में पाकिस्तानी अंपायर नदीम गौरी व अनीस सिद्दीकी, श्रीलंका के सगारा गलागे, गैमिनी दिशानायके, मरिस विन्सटन और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के वर्तमान अंपायर पैनल में मौजूद बांग्लादेशी अंपायर नादिर शाह शामिल हैं।
 
इंडिया टीवी का कहना है कि आईसीसी के बांग्लादेशी अंपायर शर्फूद्दौला इर्बे शाहिद ने उनके अंडरकवर रिपोर्टरों से पैसे लेकर हक में फैसला देने से साफ इंकार कर दिया। हालांकि नादिर शाह अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर के किसी भी मैच में अपने फैसलों को फिक्स करने के लिए तैयार हो गए। इसके अलावा दूसरे अंपायर भी बांग्लादेश प्रीमियर लीग में रिपोर्टर के अनुसार अपने फैसले बदलने को राजी थे। आईसीसी ने न्यूज चैनल से इस बारे में रिपोर्ट देने को कहा है।
 
उधर पाकिस्तानी अंपायर नदीम ग़ौरी ने दावा किया है कि ये ऑपरेशन फर्ज़ी है। ग़ौरी ने पाकिस्तानी टीवी चैनल जियो न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनसे ये बातचीत श्रीलंका प्रीमीयर लीग के दौरान की गयी थी और इसमें तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर दिखाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वे पिछले दो सालों से अंतर्राष्ट्रीय पैनल पर हैं ही नहीं तो इस स्टिंग का कोई मतलब ही नहीं रह जाता है। ग़ौरी ने आरोप लगाया कि ये रिपोर्टर नहीं, ब्लैकमेलर हैं।

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