राहुल आनंद गए एनबीटी, संतोष ने जनसंदेश टाइम्‍स छोड़ा

दैनिक भास्‍कर से खबर है कि राहुल आनंद ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे यहां पर रिपोर्टर थे. राहुल अपनी नई पारी दिल्‍ली में ही नवभारत टाइम्‍स के साथ शुरू करने जा रहे हैं. राहुल ने दैनिक जागरण से इस्‍तीफा देकर कुछ महीने पहले ही दैनिक भास्‍कर ज्‍वाइन किया था, परन्‍तु उन्‍हें यहां की पारी रास नहीं आई. इसके पहले भी राहुल कुछ संस्‍थानों के साथ काम कर चुके हैं.

जनसंदेश टाइम्‍स, वाराणसी से खबर है कि संतोष कुमार पाण्‍डेय ने इस्‍तीफा दे दिया है. वे अखबार की लांचिंग के समय से ही जुड़े हुए थे. वे प्रादेशिक डेस्‍क पर अपनी सेवाएं दे रहे थे. सूत्रों का कहना है कि संतोष सैलरी की अनियमितता तथा अंदर की राजनीति से परेशान थे. वे अपनी नई पारी कहां से शुरू कर रहे हैं इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. संतोष ने अपने करियर की शुरुआत नोएडा में जनसंदेश चैनल के साथ की थी. इसके बाद हिंदुस्‍थान समाचार और पंजाब केसरी को देहरादून में अपनी सेवाएं दीं. लखनऊ में भी एक न्‍यूज एजेंसी के साथ काम करने के बाद वे जनसंदेश टाइम्‍स ज्‍वाइन कर लिया था.

दैनिक भास्‍कर से तीन लोगों ने शुरू की नई पारी

दैनिक भास्‍कर, दिल्‍ली में इन दिनों आवाजाही काफी तेज है. खबर है कि तीन लोगों ने भास्‍कर के साथ अपनी नई पारी शुरू की है. दैनिक जागरण से इस्‍तीफा देकर राहुल कुमार ने अपनी नई पारी दिल्ली में ही दैनिक भास्‍कर के साथ शुरू की है. राहुल जागरण में दिल्‍ली लोकल की खबरों को कवर करते थे. भास्‍कर में भी उन्‍हें यही जिम्‍मेदारी सौंपी गई है.

अभिषेक गुप्‍ता भी दैनिक जागरण से इस्‍तीफा देकर दैनिक भास्‍कर पहुंच गए हैं. उन्‍हें भी रिपोर्टिंग टीम में शामिल किया गया है. ये दोनों लोग काफी समय से जागरण की लोकल रिपोर्टिंग टीम से जुड़े हुए थे. कमलेश राय भी दैनिक भास्‍कर के साथ अपनी नई पारी शुरू की है. उन्‍हें डेस्‍क पर सब एडिटर के पद पर ज्‍वाइन कराया गया है. वे आईएनएस न्‍यूज एजेंसी से इस्‍तीफा देकर यहां पहुंचे हैं. उल्‍लेखनीय है कि पिछले कुछ समय में दैनिक भास्‍कर, दिल्‍ली से कई लोगों ने इस्‍तीफा दिया है.

दैनिक भास्‍कर की टीम में शामिल क्राइम रिपोर्टर अभिषेक राव, सीनियर रिपोर्टर धनंजय कुमार तथा सीनियर रिपोर्टर शैलेंद्र सिंह ने कुछ समय पहले इस्‍तीफा दे दिया था तथा दिल्‍ली में ही नई दुनिया की टीम के साथ जुड़ गए थे. इनके अलावा सब एडिटर अजीत झा भी दैनिक भास्‍कर, दिल्‍ली से इस्‍तीफा देकर नईदुनिया, इंदौर से जुड़ गए थे. माना जा रहा है कि कुछ और लोग भास्‍कर से इस्‍तीफा दे सकते हैं.   

बठिंडा भास्‍कर वालों ने भाई-बहन को बना दिया पति-पत्‍नी

दैनिक भास्‍कर, बठिंडा यूनिट में फिर एक गड़बड़ी हो गई है। यूनिट के अंदर आने वाले मोगा भास्‍कर में मोगा उपचुनाव के दौरान मतदान के दिन की एक फोटो में भास्‍कर ने सगे भाई-बहन को पति-पत्‍नी यानी दंपति बना डाला। गैरजिम्‍मेदाराना तरीके से किए इस घिनौने कार्य की पोलपट़टी खुली तो बेशर्म भास्‍कर वालों ने तुरंत अगले दिन भूल सुधार छाप दिया।

बताया जा रहा है कि मोगा में तैनात ब्‍यूरो चीफ लक्ष्‍मीकांत दुबे का इंदौर तबादला करवाने के बाद बठिंडा के संपादक महिंद्र कुशवाहा ने बठिंडा सिटी में ब्‍यूरो चीफ नरिंद्र शर्मा और फरीदकोट के ब्‍यूरो चीफ दिलबाग दानिश को चुनाव कवरेज के लिए भेजा था। इनकी अगुवाई में ही यह फोटो मोगा से बठिंडा कार्यालय भेजी गई। इस फोटो में एक मोटरसाइकिल पर युवक व युवती छाता लेकर वोट डालने के बाद घर लौटते दिखाए गए। 24 फरवरी को छपी फोटो के नीचे लिखे विवरण में इन दोनों को भास्‍कर ने दंपत्ति बना दिया। जब अगले दिन फोटो मोगा भास्‍कर के पहले पेज पर प्रकाशित हुई तो भाई-बहन के पविञ रिश्‍ते को तार-तार कर उनको दंपत्ति बताने से दोनों के साथ उनके परिवार को शर्मसार होना पड़ा।

बताया जा रहा है कि जब परिवार को पता चला तो फोटो में नजर आ रहे युवक ने मोगा में कवरेज करने वालों और संपादक कुशवाहा को फोन कर खूब लानत-मलानत की। सूत्रों से पता चला है कि इस युवक ने बदनामी करवाने पर केस करने की बात कही तो ठंड में भास्‍कर वालो के पसीने छूट गए। पूरी टीम ने बडी मुश्किल से माफी मांगकर अपना पीछा छुड़वाया। फिर 25 फरवरी के अंक में भूल सुधार का बॉक्‍स लगाते हुए माफी मांगी। बताया जा रहा है कि सनसनी क्रिएट करने के आदी भास्‍कर वालों यह गलती नई नहीं है। इससे पहले नरिंद्र शर्मा के ब्‍यूरोचीफ रहते भी बठिंडा में भास्‍कर एक फर्जी खबर छाप चुका है जिस मामले में वह कोर्ट का चक्‍कर काटते फिरते हैं।

बताया जा रहा है कि भास्‍कर में कई अधकचरे ज्ञान वाले लोग भर्ती हैं। जो बिना किसी पूरी पड़ताल के इस तरह खबरें व फोटो प्रकाशित कर रहे हैं। बठिंडा यूनिट के लोगों ने उच्‍च अधिकारियों से यह गलती छुपा ली। अपनी खबरों में दूसरे विभागों से सवालों का जवाब मांगने वाले भास्‍कर को खुद भी इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि आखिर इतनी बडी गलती कैसे हुई? गलती के लिए कौन जिम्‍मेदार है? जिम्‍मेदार के खिलाफ क्‍या कार्रवाई की गई? बठिंडा यूनिट की इस गलती पर उपर बैठे अधिकारी क्‍यों आंखे मूंदकर बैठे हैं?

एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

भास्‍कर, बठिंडा में कंपनी की जगह अपनी जेबें भरने की होड़

दैनिक भास्कर, बठिंडा एक बार फिर सुर्ख़ियों में है. भास्कर की इस यूनिट में पहले से निचले कर्मचारियों में रोष है. उन्हें छुट्टी माँगने पर साफ़ कह दिया जाता है कि छुट्टी चाहिए तो नौकरी छोड़ दो. मगर अब यहाँ कंपनी नहीं अपनी जेब भरने की होड़ मची है. जिससे आजकल अंदरखाने विज्ञापन विभाग और संपादकीय विभाग में भी सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. विज्ञापन विभाग टारगेट पूरा करने के लिए दिन रात एक कर रहा है, मगर संपादकीय विभाग से अब उसे सहयोग नहीं मिलने से उसके सामने दिक्कत आ रही है.

दरअसल विज्ञापन विभाग के भी कुछ क्लाइंट होते हैं जो अपनी खबर छपवाना चाहते हैं, मगर अब बठिंडा यूनिट में बड़ों के इशारे पर कुछ पत्रकारों को सिर्फ वसूली अभियान में लगा दिया गया है. स्वयं ब्यूरो चीफ भी वसूली अभियान में लगे हैं.  उन्हें खुली छूट दे दी गयी है कि वे ऐसे क्लाइंट से पैसे लेकर खबर लगायें, मगर वो पैसा कंपनी में नहीं जमा होना है. भास्कर, बठिंडा के न्यूज़ एडिटर की भी पत्रकारों से रोज़ विशेष ब्रांड की मांग रहती है. उसे पूरा करने के लिए और अपनी जेब भरने के लिए कुछ पत्रकार तो इसमें शामिल हो गए हैं. मगर जो पत्रकार ऐसा नहीं कर पा रहे हैं वो परेशान हैं.

ऐसे पत्रकार संपादक महेंद्र कुशवाहा से भी अपना दर्द नहीं कह पा रहे. दरअसल दफ्तर में अन्दर खाने यह चर्चा रहती है कि संपादक का भी संरक्षण इसमें मिला हुआ है. क्योंकि संपादक वही करते हैं जो उन्हें उनके न्यूज़ एडिटर समझाते हैं. खुद का नाक कान बंद किये रखने से स्थानीय यूनिट के लोगों में संपादक के प्रति भी रोष है, मगर अप्रैल में इन्क्रीमेंट के लालच में अभी वे कुछ बोल नहीं पा रहे हैं. जबकि डेस्क और रिपोर्टिंग के कई लोग दूसरे संस्थानों में अपनी बात चला रहे हैं. कंपनी के लोगों का भी मानना है कि यदि जल्दी हालात नहीं बदले तो यहाँ भगदड़ फिर मच सकती है.

कानाफूसी

दैनिक भास्‍कर 21 फरवरी को लांच करेगा हल्‍द्वानी एडिशन!

हल्‍द्वानी से खबर आ रही ही है कि भास्‍कर समूह अब यहां भी अपने विस्‍तार की शुरुआत करने जा रहा है. हालांकि अभी अखबार की लांचिंग छोटे पैमाने पर किए जाने की तैयारी की जा रही है. सूत्रों का कहना है कि दैकिन भास्‍कर 21 फरवरी से अपना हल्‍द्वानी एडिशन लांच करने जा रहा है. इसके लिए भास्‍कर ने हल्‍द्वानी आवास विकास में अपना कार्यालय भी शुरू कर दिया है. हालांकि इस अखबार का प्रकाशन अभी हल्‍द्वानी से नहीं होगा, अखबार नोएडा से प्रकाशित होकर कुमाऊं आएगा.

सूत्रों का कहना है कि दैनिक भास्‍कर ने सात-आठ लोगों की टीम हल्‍द्वानी में भेजा है, जो दूसरे अखबारों के पत्रकारों से संपर्क करके उन्‍हें अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि अभी अनिश्चितता की स्थिति होने के चलते पत्रकार जमे जमाए बैनर से आने में हिचक रहे हैं. दैनिक भास्‍कर के लोग एजेंटों से भी मुलाकात कर उन्‍हें नोएडा से आने वाली कॉपियां दे रहे हैं. 21 फरवरी को लांचिंग के लिए वे लोग विज्ञापन भी लेने लगे हैं.

कंपनी सूत्रों का कहना है कि दैनिक भास्‍कर समूह ने रुद्रपुर में जमीन ली है. वो यहीं पर यूनिट स्‍थापित करके रुद्रपुर से कुमाऊं, बरेली व यूपी के आसपास के शहरों को कवर करने की सोच रहा है. कंपनी की योजना इस साल अक्‍टूबर तक रुद्रपुर में यूनिट स्‍थापित करने की है. देहरादून में पेपर छापने के लिए राष्‍ट्रीय सहारा से भी बातचीत चल रही है. अगर राष्‍ट्रीय सहारा से बातचीत फाइनल हो जाती है तो भास्‍कर प्रबंधन अपना देहरादून एडिशन भी लांच कर सकता है. भास्‍कर के उत्‍तराखंड में आने की खबर से अमर उजाला, जागरण और हिंदुस्‍तान में खलबली मच गई है.