सहारा में सनसनी, विजय राय ने चैनल छोड़ा, मनोज मनु मेट्रो एडिटर बने

सहारा समय चैनल के दिग्गज विजय राय सहारा न्यूज से अलग हो गए हैं। विजय राय चैनल में कद्दावर थे और उनके पास सहारा न्यूज के ब्यूरो हेड की जिम्मेदारी थी। सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक विजय राय से इस्तीफा ले लिया गया है। हालांकि अभी तक इसका कारण पता नहीं लग पाया है। सूत्रों का कहना है कि विजय राय का जाना वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा है। राय पिछले काफी वक्त से सहारा में सक्रिय थे। एक अन्य खबर में मनोज मनु को मेट्रो एडिटर बना दिया गया है।

इससे पहले मनोज मनु सहारा नेशनल और एमपी चैनल के हेड थे। बाद में उनसे नेशनल की जिम्मेदारी ले ली गई थी। फिलहाल उनके पास एमपी की ही जिम्मेदारी थी,जिसे बढ़ाते हुए अब उन्हें मेट्रो एडिटर का अतिरिक्त प्रभार भी दे दिया गया है।

सहाराश्री के सचिवालय से चित्रा का इस्तीफा

चित्रा त्रिपाठी ने सहारा ग्रुप को बॉय बोल दिया है। चित्रा सहाराश्री के सचिवालय का हिस्सा थीं, जहां से वह अलग हो गई हैं। चित्रा पहले सहारा टीवी में एंकर थीं। मगर कुछ समय पहले उन्हें मुंबई में स्थित सहाराश्री के सचिवालय में भेज दिया गया था। तब से वह यहीं काम कर रही थी। सचिवालय में मुख्यधारा की मीडिया जैसा काम नहीं होने के कारण चित्रा ने यह निर्णय लिया है।

हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि चित्रा ने खुद नौकरी से इस्तीफा नहीं दिया है बल्कि उन्हें जाने को कह दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक चित्रा अब फिर से मुख्यधारा की पत्रकारिता से जुड़ने की जुगत में हैं।
 

थी..हूं..रहूंगी के लिए वर्तिका नंदा को ऋतुराज सम्मान

डॉ.वर्तिका नंदा को प्रतिष्ठित परम्परा ऋतुराज सम्मान से सम्मानित किया गया है.  वर्तिका जी को यह सम्मान उनके कविता संग्रह 'थी.. हूं… रहूंगी' के लिए मिला। सम्मान समारोह दिल्ली में हुआ। यह कविता संग्रह महिला अपराध पर आधारित है। इस विषय पर लिखा जाने वाले यह अपने तरह का अनूठा कविता संग्रह है। हर साल यह सम्मान दिया जाता है। वर्तिका नंदा को पुरस्कार देने का निर्णय तीन सदस्यी निर्णायक मंडल ने की। इसमें राजनारायण बिसारिया, डा. अजित कुमार और डॉ. कैलाश वाजपेयी शामिल थे।

इससे पहले विजय किशोर मानव, डा. अनामिका, नरेश सक्सेना, बालस्वरूप राही, पवन करण व विष्णु नागर आदि परम्परा ऋतुराज सम्मान से सम्मानित हो चुके हैं। परंपरा ऋतुराज सम्मान के साथ एक लाख रुपये की राशि भी दी जाती है।  डॉ. वर्तिका नंदा इस कविता संग्रह को लेकर पिछले काफी वक्त से उत्साहित रही हैं. अपने कविता संग्रह के बारे में उन्होंने कहा कि, थी ..हूं..रहूंगी की कहानी अपने आप में एक अलग तरह की रचना है. बतौर वर्तिका, "पिछले साल एक मरजानी मर गई और तब यह लगा कि कई बार मरते-मरते कोई औरत जब बच जाती है, तो बदल जाती है। अपराध की रिपोर्टिंग ने यही सिखाया और बताया। इस लिए इस बार अनायास ही कविताएं एक नए भाव के साथ उग आईं। वर्तिका आईआईएमसी की छात्रा रही हैं। मीडिया में लंबे वक्त तक सक्रिय रहने के बाद उन्होंने पढ़ाने के लिए आईआईएमसी को चुना। यहां वह कई सालों तक विद्यार्थियों को टीवी पत्रकारिता पढ़ाती रही हैं।

पश्चिम भारत में भी पहुंचा सहारा समय

देश के तमाम हिस्सों में अपनी पहुंच बनाने के बाद सहारा समय ने पश्चिम भारत में भी दस्तक दे दी है। सहारा न्यूज़ नेटवर्क ने 15 अगस्त को  महाराष्ट्र और गुजरात से भी चैनल शुरू कर दिया है। सहारा इंडिया परिवार के मुख्य अभिभावक सहाराश्री सुब्रत रॉय सहारा ने राजधानी के एक पांच सितारा होटल में अनेक केन्द्रीय मंत्रियों, पूर्व केंद्रीय मंत्रियों व सैकड़ों अतिथियों की मौजूदगी में चैनल का शुभारंभ किया। इस दौरान, सहाराश्री ने अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी से निर्वहन किये जाने की आवश्यकता पर बल दिया।

सहारा ने इस क्षेत्र में हिंदी भाषी दर्शकों की आबादी को देखते हुए कदम रखा है। सहारा को इस क्षेत्र में भी अपने चैनल के सफल होने की पूरी उम्मीद है। वरिष्ठ अधिकारियों की रणनीति लोकल विज्ञापनदाताओं के अलावा सरकारी विज्ञापन को भी ट्रार्गेट करने की है। इस दोनों राज्यों में सहारा के ब्यूरो और रिर्पोटर पहले से ही मौजूद हैं. इसको देखते हुए कंटेट के स्तर पर बहुत ज्यादा काम करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। चैनल के लांचिंग समारोह में केन्द्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, चौ.अजित सिंह, बेनी प्रसाद वर्मा,सलमान खुर्शीद, हरीश रावत, अजय माकन और राजीव शुक्ला, राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री व लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान, जैसे दिग्गज मौजूद थे।
 
 

हड़ताल के चलते नहीं हुई सुनवाई, अब 25 अगस्त को होगी

भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह के मामले की सुनवाई 17 अगस्त को नहीं हो सकी. इस दिन वकीलों की हड़ताल के कारण कोर्ट की कार्यवाही नहीं हो सकी. अब इसकी सुनवाई 25 अगस्त को होगी. इससे पहले विनोद कापड़ी और साक्षी जोशी द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोर्ट ने यशवंत सिंह को जमानत दे दी है. फिलहाल दैनिक जागरण द्वारा लगाए गए मामले में जमानत होनी बाकी है. जागरण ने भी यशवंत सिंह पर रंगदारी मांगने का आरोप लगाया था.

देश भर के पत्रकार लगातार यशवंत सिंह से मिलने और भड़ास4मीडिया को अपना समर्थन देने के लिए डासना जेल पहुंच रहे हैं. इधर भड़ास4 मीडिया के कंटेंट एडिटर अनिल सिंह को भी बीते दिनों गिरफ्तार कर लिया गया है. अनिल भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत  सिंह के मामले की पैरवी करने के लिए कोर्ट गए थे. जहां अदालत परिसर से ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. अनिल के मामले पर 28 अगस्त को सुनवाई होनी है.


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Yashwant Singh Jail

लिटिल बी के आने पर पीपली लाइव नहीं बनेगा मीडिया

नई दिल्ली। बिग बी के घर नए मेहमान से जुड़ी खबर अब ब्रेकिंग न्यूज नहीं होगी। ऎश्वर्या राय के बच्चा पैदा होने से पहले कोई खबर नहीं चलेगी। बच्चा पैदा होने की न्यूज तभी चलाई जाएगी जब इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। जिस अस्पताल में ऎश भर्ती हैं वहां अधिकृत पत्रकार को ही प्रवेश दिया जाएगा। स्टोरी के लिए अस्पताल और बिग बी के घर के बाहर कोई ओबी वैन तैनात नहीं की जाएगी।

बच्चे के पैदा होने की खबर 90 सैकेंड से ज्यादा नहीं चलाई जाएगी। अगर प्रेस कांफ्रेंस में बुलाया जाता है तभी पत्रकार स्टोरी के लिए जाएगा। ऎश के बच्चे की फोटो जारी नहीं की जाएगी। बच्चे की फोटो का एमएमएस नहीं चलेगा। बच्चे के जन्म पर ज्योतिष से जुड़ी कोई खबर नहीं चलाई जाएगी। ब्रॉडकास्टर्स एडिटर्स एसोसिएशन ने एक दर्जन से ज्यादा टीवी चैनलों के लिए ये एडवाइजरी जारी की है। बीईए के महासचिव एनके सिंह के मुताबिक 10 प्वाइंट की एडवाइजरी 4 नवंबर को तैयार की गई थी। अगले ही दिन सभी चैनलों को एडवाइजरी जारी कर दी गई। साभार : पत्रिका

इलेक्‍ट्रानिक मीडिया के कवरेज पर रोक की मंशा नहीं : अमिताभ

नई दिल्ली : बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने कहा है कि उन्हें अपने पोते या पोती के जन्म को लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की कवरेज पर रोक लगाने की मंशा नहीं है।ज्ञात हो कि उनकी बहू ऐश्वर्या राय नवम्बर महीने के मध्य में बच्चे को जन्म देने वाली हैं। एक रिपार्ट जिसमें कहा गया है कि अमिताभ अस्पताल के बाहर कैमरा और पत्रकारों की मौजूदगी पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से गुहार लगाई है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट टि्वटर पर कहा, ''जहां तक सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और मीडिया का सवाल है। सबसे पहले मैं यह कहूंगा कि मेरी कभी ऐसी मंशा नहीं रही। दूसरी चीज क्या आप सोचते हैं कि मंत्रालय मेरी बात सुनेगा।'' इसके अलावा एक वरिष्ठ पत्रकार ने इस बारे में उन्हें एक संदेश भेजकर सूचित किया, जिसके बाद अमिताभ को ब्लॉग के जरिए यह स्पष्ट करना पड़ा कि उन्हें इन दिशानिर्देश को जारी कराने में कोई भूमिका नहीं है।

उन्होंने सोमवार रात कहा, ''…आज दोपहर बाद एक प्रिंट मीडिया से मुझे संदेश भेजा गया जिसमें कहा गया कि 'क्या आपने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से कहा है कि वह आपके आवास और अस्पताल के समीप ओबी वैन्स को जाने से प्रतिबंधित करे।'' उन्होंने कहा, ''यह सही नहीं है और बेतुकी बात है। इसीलिए मैंने इस मामले को देखने के लिए जनसम्पर्क एजेंसी को नियुक्त किया। एजेंसी ने पत्रकार से सम्पर्क किया और उन्हें बताया कि यह बात गलत है।''

अमिताभ ने कहा, ''इस बात की भी सूचना है कि मंत्रालय ने यह कहते हुए एक आदेश पारित किया है कि एक मरीज की गरिमा का सम्मान होना चाहिए और अस्पताल के बाहर ओबी वैन की तैनाती की अनुमति नहीं देनी चाहिए।'' उल्लेखनीय है कि मीडिया की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ब्राडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन (बीईए) ने अमिताभ के पोते के जन्म के कवरेज के लिए अपने सदस्यों को 10 सूत्री निर्देश जारी किया है। साभार : देशबंधु

दिवाली पर कहीं बैग और बोनस मिला तो कहीं मिठाई के लिए तरसे पत्रकार

दिवाली अलग-अलग संस्‍थानों के पत्रकारों के लिए अलग-अलग अनुभव लेकर आई. कई जगहों पर दिवाली के मौके पर पत्रकारों को मिठाई नसीब नहीं हुई तो कहीं पत्रकारों को मिठाई के साथ छोटे मोटे गिफ्ट भी मिले. चैनलों के हाल बुरे रहे. छोटे चैनलों के पत्रकारों को मिठाई तक नहीं मिली. जबकि अखबारों के कार्यालयों में कम से कम सभी जगह कर्मचारियों को मिठाइयां मिलीं.

दैनिक भास्‍कर के कई यूनिट में पत्रकारों को मिठाई मिलीं. चंडीगढ़ समेत कई यूनिटों में प्रबंधन ने पत्रकारों को दिवाली के मौके पर ट्राली बैग गिफ्ट के रूप में दिया. दैनिक जागरण, अमर उजाला, हिंदुस्‍तान के भी कई यूनिटों में मिठाइयां बंटी. इसको लेकर भी कहीं खुशी कहीं गम देखने-सुनने को मिला. बनारस के लगभग सभी अखबारों में दिवाली पर मिठाइयां बांटी गईं. अखबार के कार्यालयों में लगभग सभी जगह मिठाई बांटे जाने की सूचना है.

सबसे बुरा हाल न्‍यूज चैनलों का रहा. न्‍यूज24 और सीएनईबी जैसे चैनलों ने बिस्‍कुट बांटा तो खबर भारती, हमार टीवी, फोकस टीवी, आगरा के मून टीवी में पत्रकार मिठाई के लिए भी तरस गए. हमार टीवी में तो पत्रकारों को उनकी सेलरी तक दिवाली के मौके पर नहीं मिली. डेढ़ से दो महीने लेट चल रही सेलरी भी अब एकाउंट में आने की बजाय चेक से दी जा रही है. दिवाली से पहले यहां काम करने वाले पत्रकारों को चेक भी नहीं मिला और मिठाई भी नहीं बांटी गई. साधना न्‍यूज के कर्मचारियों के लिए दिवाली बढि़या रही. यहां बिस्‍कुट के पैकेट मिलने के साथ बोनस के रूप में 2100 रुपये भी कर्मचारियों को बांटे गए.